इन अफसरों को सलाम, गोद लीं 34 बेटियां, उठाएंगे पढ़ाई-लिखाई का खर्च
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बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान में जिले के अफसर आगे आए हैं। अधिकारियों ने बेटियों को पढ़ाने और अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए गोद लिया है। करीब 34 बच्चियों को गोद लिया गया है। डीसी समेत जिला कांगड़ा के 8 एसडीएम, 15 बीडीओ और डीआरडीए के प्रोजेक्ट आफिसरों ने अपने-अपने अधिकार क्षेत्र की गरीब बच्चियों को गोद लिया।
सभी अफसर इन बच्चियों का एक साल तक पढ़ाई एवं अन्य आवश्यकताओं का सारा खर्चा वहन करेंगे। धर्मशाला में एक कार्यक्रम के दौरान सभी अफसरों ने गरीब बेटियों को गोद लिया। डीसी रितेश चौहान ने धर्मशाला के तंगरोटी खास की मुस्कान की पढ़ाई-लिखाई का खर्च वहन करने का जिम्मा लिया।
इन अफसरों ने बेटियों की मदद को बढ़ाए हाथ
एसडीएम धर्मशाला श्रवण मांटा ने कोमल, एसडीएम पालमपुर अजीत भारद्वाज ने गरिमा, एसडीएम बैजनाथ अश्वनी सूद ने खुशी राणा, एसडीएम देहरा मलोक सिंह ने दिशा, एसडीएम कांगड़ा देवा श्वेता वनिक ने अंतिषा की पढ़ाई-लिखाई तथा देखभाल का खर्च अपने वेतन से वहन करने का जिम्मा लिया।
वहीं, एसडीएम जयसिंहपुर देशराज जरियाल ने अदिति, एसडीएम ज्वाली मोहन दत्त ने वंशिका और एसडीएम ज्वालामुखी संजीव शर्मा ने वर्षा की पढ़ाई-लिखाई तथा देखभाल का खर्च अपने वेतन से वहन करने का जिम्मा लिया।
पीएनबी ने नौ बेटियों का उठाया जिम्मा
इनमें ग्राम पंचायत ढगवार की अंकिता, ग्राम पंचायत टाऊ की मुस्कान व अंजली, ग्राम पंचायत बरवाला की रीतिका व पायल, ग्राम पंचायत झियोल की अंशिका, ग्राम पंचायत सुक्कड़ की किरण देवी तथा अक्षिता और ग्राम पंचायत तंगरोटी खास की अमिता शामिल हैं।