हिमाचल: पहली और दूसरी कक्षा के 70 हजार विद्यार्थियों का बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान जांचा
हिमाचल प्रदेश में सरकारी स्कूलों के पहली व दूसरी कक्षा के विद्यार्थियों का बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान का असेसमेंट किया गया।
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समग्र शिक्षा की ओर से हिमाचल प्रदेश में सरकारी स्कूलों के पहली व दूसरी कक्षा के विद्यार्थियों का बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान का असेसमेंट किया गया। यह असेसमेंट 7 और 8 अक्तूबर को किया गया। इसके तहत करीब 70 हजार विद्यार्थी शामिल हुए । इसके परिणाम के आधार पर स्कूली बच्चों में बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान सुधारने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। समग्र शिक्षा की ओर से पहली कक्षा के लिए 7 अक्तूबर को और दूसरी कक्षा के लिए 8 अक्तूबर को असेसमेंट करवाया गया। इस असेसमेंट में पूरे प्रदेश के करीब 70 हजार बच्चे शामिल हुए।
स्कूली बच्चों ने इस असेसमेंट सर्वे में पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। इसके लिए समग्र शिक्षा की ओर से असेसमेंट टूल तैयार गया था, जिसमें निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों के आधार पर प्रश्नों को शामिल किया गया था। स्कूली बच्चों का हिंदी, अंग्रेजी और संख्या ज्ञान का मौखिक और लिखित माध्यम से आकलन किया गया। इसके साथ ही विद्यार्थियों के शारीरिक विकास, सामाजिक एवं भावनात्मक विकास का आकलन भी किया गया। बच्चों की इस असेसमेंट का पूरा डाटा विद्या समीक्षा केंद्र ( वीएसके) के चैटबॉट पर ऑनलाइन किया जाएगा। जहां राज्य स्तर पर भी इसको अधिकारी देख सकेंगे।
इस असेसमेंट सर्वे का पूरा विश्लेषण किया जाएगा और इसके रिजल्ट को संबंधित अभिभावकों के साथ भी शेयर किया जाएगा। असेसमेंट और रिजल्ट में आए गैप के आधार स्कूल स्तर पर इसे सुधारने के लिए कदम उठाए जाएंगे। वहीं अगर आवश्यकता महसूस हुई तो राज्यस्तर भी इसे सुधारने को लेकर रणनीति तैयार कर दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि अन्य राज्यों के साथ साथ हिमाचल में भी निपुण भारत मिशन लागू गया है, जिसके तहत तीन से आठ साल की आयु के बच्चों में बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान के लक्ष्यों को हासिल के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
स्कूली बच्चों में सीखने के स्तर का आकलन करने के लिए समग्र शिक्षा की ओर से पहली व दूसरी कक्षा के बच्चों का यह बेसलाइन असेसमेंट किया गया है। समग्र शिक्षा निदेशालय की ओर से इसके लिए स्कूलों को जरूरी निर्देश जारी किए गए थे। इसके आधार पर बच्चों की कमजोरियों को दूर करने के लिए कदम उठाए जाएंगे। इसके बाद समग्र शिक्षा स्कूलों में एंड लाइन सर्वे करेगा।