हिमाचल में मछुआरों को हर माह मिलेंगे तीन हजार, मत्स्य आखेट पर प्रतिबंध
ग्रामीण विकास और मत्स्य पालन मंत्री वीरेंद्र कंवर ने शुक्रवार को कहा कि प्रदेश के सभी जलाशयों में एक जून से 31 जुलाई तक मछली पकड़ने और बेचने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। उन्होंने कहा कि मत्स्य विभाग विशेष शिविर करवाएगा।
विभागीय कर्मचारियों को ऐसी गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने के लिए तैनात किया जाएगा। प्रक्रिया में पौंग बांध में 16 शिविर, गोबिंद सागर बांध में 16, कोल डैम में तीन और चमेरा बांध और रणजीत सागर बांध में एक-एक शिविर लगाए जा चुके हैं।
कंवर ने कहा कि हर वर्ष जलाशयों में दो महीने तक मछली पकड़ने पर प्रतिबंध एक नियमित प्रक्रिया है। इस अवधि के दौरान मछली की अधिकांश प्रजातियां प्रजनन प्रक्रिया से गुजरती हैं, जिससे बड़े पैमाने पर मछली बीज उत्पादन होता है।
प्रदेश के जलाशयों से मत्स्य विभाग मेजर कार्प और सिल्वर कार्प के बीज एकत्र करेगा। इस प्रतिबंध के दौरान प्रदेश के जलाशयों में काम करने वाले मछुआरों को क्लोज सीजन रिलीफ फंड स्कीम में तीन हजार रुपये प्रतिमाह प्रदान किए जाएंगे।
मंत्री ने कहा कि आम जनता और पर्यटकों को जागरूक करने के लिए राज्य और विभागीय वेबसाइट पर मछली पकड़ने पर प्रतिबंध की जानकारी उपलब्ध होगी। उन्होंने राज्य के सभी वर्गों से इस प्रतिबंध की सफलता के लिए अपना सहयोग देने की अपील की है।