बख्शो की उड़ान को मिले पंख, सरकार ने बढ़ाए मदद के हाथ
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देश और सूबे की संवेदनाओं के बाद आखिर राज्य सरकार ने गरीब उड़नपरी बख्शो देवी की सुध ली। ऊना की ये बिटिया अब पढ़ाई के अलावा अब दौड़ की विशेष ट्रेनिंग लेगी। ईसपुर सीसे स्कूल में पढ़ रही बख्शो का दाखिला अब बिलासपुर के सरकारी स्पोर्ट्स हॉस्टल में होगा। खेल विभाग की टीम ने मंगलवार को बख्शो के स्कूल जाकर बख्शो की मां और स्कूल प्रधानाचार्य को राज्य सरकार की तरफ से ये ऑफर दिया।
जिला स्तरीय प्रतियोगिता में शून्य डिग्री तापमान में नंगे पांव दौड़ जीतने वाली बख्शो की उड़ान के लिए ‘अमर उजाला’ के व्यापक अभियान चलाया था। फिर हजारों हजार पाठक इस खबर से जुड़ते चले गए। सब उसकी मदद के लिए आतुर हैं। सोमवार को दस दिन बाद सूबे में लौटे मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने भी बख्शो की मदद का भरोसा दिया था।
युवा सेवाएं एवं खेल विभाग के निदेशक राकेश शर्मा ने इस सिलसिले में ऊना खेल विभाग को विशेष निर्देश जारी किए। निदेशक के पत्र पर मंगलवार को जिला युवा सेवाएं एवं खेल विभाग के कोच भागीरथ और चंद्रमोहन ने बख्शो के स्कूल जाकर खेल छात्रावास बिलासपुर में दाखिले की तमाम औपचारिकताएं पूरी कीं।
मां ने दी लिखित सहमति
स्कूल के प्रधानाचार्य सोमनाथ भाटिया ने बताया कि खेल विभाग के अधिकारियों को स्कूल से सर्टिफिकेट सहित बख्शो और उसकी मां विमला देवी की लिखित सहमति भी दी है। उन्होंने बताया कि शिक्षा सत्र की समाप्ति के बाद होने वाले ट्रायल में बख्शो भाग लेगी। सरकार की ओर हॉस्टल में बख्शो के लिए लॉजिंग, बोर्डिगिं सहित तमाम सुविधाएं निशुल्क होंगी, जहां वह अपनी पढ़ाई भी नियमित रख सकेगी।
हॉस्टल में दाखिले के लिए बख्शो और प्रधानाचार्य ने विभाग के निदेशक और अमर उजाला का आभार जताया है। कोच भागीरथ ने बताया कि निदेशक के आदेशों पर बख्शो देवी के स्कूल जाकर स्पोर्ट्स हॉस्टल में उसके दाखिले से संबंधित जरूरी दस्तावेज एकत्र कर लिए गए हैं।
बख्शो की किडनी में निकली दिक्कत, अब शिमला में होगा इलाज
पांच हजार मीटर की दौड़ में जिलास्तर पर हैरतअंगेज तरीके से गोल्ड जीतने वाली ईसपुर की उड़नपरी बख्शो देवी अब बेधड़क दौड़ सकेगी। बख्शो के पेट में उठने वाला दर्द किडनी में कुछ अनावश्यक तत्व जमा होने से हो रहा है। मंगलवार को बख्शो देवी के स्कूल स्टाफ और ‘अमर उजाला’ टीम ने पहले नंगल स्थित सतलुज लैबोरेटरी में बख्शो का अल्ट्रासाउंड कराया।
डाक्टरों ने कहा इसमें ज्यादा चिन्ता की कोई बात नहीं। दवा से ही बख्शो ठीक हो जाएगी। लेकिन फिर भी ऐहतियात के तौर पर अमर उजाला बख्शो की मेडिकल चेकअप और इलाज शिमला के इंडस अस्पताल में कराएगा। इंडस अस्पताल प्रबंधन बख्शो की मदद के लिए खुद सामने आया है।
बख्शो की गरीब मां ने किसी स्थानीय डाक्टर के हवाले से बताया था कि उसके गॉलबेल्डर में पथरी है। लेकिन अल्ट्रासांउड रिपोर्ट में पथरी नहीं निकली। क्षेत्रीय अस्पताल ऊना के सर्जन डॉ. पीयूष नंदा ने बख्शो की अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट का अध्ययन कर बताया कि फिलहाल छात्रा के ऑपरेशन की जरूरत नहीं।
ईलाज के बाद दौड़ सकेगी बख्शो
उन्होंने बताया अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट के मुताबिक बख्शो की किडनी के एक हिस्से में क्लंप्स ऑफ क्रिस्टल्स यानी रेतनुमा कुछ छोटे कण देखे गए हैं, जो दवाइयों से खत्म हो जाएंगे। यही वजह है कि दौड़ते वक्त उसे पेट में तेज दर्द उठता है। बहरहाल, बख्शो अब इलाज के बाद ही दौड़ सकेगी।
बख्शो के कोच एवं ईसपुर स्कूल में बतौर पीटीआई तैनात तरसेम सैणी ने कहा कि डॉक्टरी सलाह के बाद ही बख्शो को मैदान में उतारा जाएगा। स्कूल में बख्शो को खेल छात्रावास बिलासपुर में दाखिला दिलाने की कवायद से खुशी की लहर है।
उधर शिमला स्थित इंडस अस्पताल ने भी बख्शो के किसी भी तरह के इलाज का आश्वासन दिया है। इंडस अस्पताल के प्रशासक योगेन्द्र जोशी ने अमर उजाला को बताया कि वह बख्शो का नए सिरे से मेडिकल चेकअप कर विशेषज्ञों से उसका इलाज कराएंगे। और उसका बकायदा मेडिकल बुलेटिन जारी करेंगे। उनकी भी यही इच्छा है कि उड़न परी बहुत जल्द ठीक होकर ट्रैक पर उतरे।
अमर उजाला उन दर्जनों रहमदिल लोगों और संस्थाओं को शुक्रगुजार है जिन्होंने बख्शो के इलाज की जिम्मेदारी लेने की इच्छा जताई थी। जरूरत पड़ने पर उनसे सम्पर्क किया जाएगा।