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Shimla News: 64 ग्राम हेरोइन बरामदगी मामले में गिरफ्तार दो अरोपियों की जमानत याचिका खारिज
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पुलिस ने बैकवर्ड लिंकेज के माध्यम से चंडीगढ़ और जालंधर से किया था दोनों को गिरफ्तार
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। चिट्टा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए शिमला पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। कोटखाई थाना में दर्ज 64 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामदगी मामले में गिरफ्तार दो आरोपियों की जमानत याचिकाएं विशेष न्यायाधीश, फॉरेस्ट्स, शिमला की अदालत ने खारिज कर दी हैं। दोनों आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई के बाद अदालत ने यह फैसला सुनाया। पुलिस के अनुसार, कोटखाई थाने में एनडीपीएस एक्ट की धारा-21 और 29 में मामला दर्ज किया गया है। मामले में 3 जुलाई को तीन आरोपियों के कब्जे से 64 ग्राम हेरोइन बरामद की गई थी। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज करते हुए नशा तस्करी से जुड़े नेटवर्क का पता लगाने के लिए जांच का दायरा बढ़ाया। जांच के दौरान पुलिस ने बैकवर्ड लिंकेज के माध्यम से सप्लाई नेटवर्क की कड़ियों को खंगाला। इस कार्रवाई में बिलासपुर के अमित महेव को चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया गया। इसके बाद पुलिस ने नेटवर्क की अगली कड़ी तक पहुंचते हुए पंजाब के मोगा जिला निवासी कोमलप्रीत सिंह उर्फ लाडी को जालंधर से गिरफ्तार किया। पुलिस ने दोनों आरोपियों की जमानत याचिकाओं का अदालत में प्रभावी ढंग से विरोध किया। इस दौरान आरोपियों की भूमिका, कथित सप्लाई नेटवर्क से उनके संबंध और जांच में सामने आए साक्ष्यों को न्यायालय के समक्ष रखा गया। पुलिस की ओर से की गई प्रभावी पैरवी के बाद अदालत ने दोनों आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं। एसएसपी गौरव सिंह ने बताया कि नशा तस्करी के मामलों में कार्रवाई केवल मादक पदार्थों की बरामदगी तक सीमित नहीं रखी जा रही है। पुलिस बैकवर्ड लिंकेज के माध्यम से सप्लाई नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और मुख्य तस्करों की पहचान करने पर भी विशेष ध्यान दे रही है। साथ ही, मामलों में ठोस साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जा रही है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। चिट्टा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए शिमला पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। कोटखाई थाना में दर्ज 64 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामदगी मामले में गिरफ्तार दो आरोपियों की जमानत याचिकाएं विशेष न्यायाधीश, फॉरेस्ट्स, शिमला की अदालत ने खारिज कर दी हैं। दोनों आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई के बाद अदालत ने यह फैसला सुनाया। पुलिस के अनुसार, कोटखाई थाने में एनडीपीएस एक्ट की धारा-21 और 29 में मामला दर्ज किया गया है। मामले में 3 जुलाई को तीन आरोपियों के कब्जे से 64 ग्राम हेरोइन बरामद की गई थी। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज करते हुए नशा तस्करी से जुड़े नेटवर्क का पता लगाने के लिए जांच का दायरा बढ़ाया। जांच के दौरान पुलिस ने बैकवर्ड लिंकेज के माध्यम से सप्लाई नेटवर्क की कड़ियों को खंगाला। इस कार्रवाई में बिलासपुर के अमित महेव को चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया गया। इसके बाद पुलिस ने नेटवर्क की अगली कड़ी तक पहुंचते हुए पंजाब के मोगा जिला निवासी कोमलप्रीत सिंह उर्फ लाडी को जालंधर से गिरफ्तार किया। पुलिस ने दोनों आरोपियों की जमानत याचिकाओं का अदालत में प्रभावी ढंग से विरोध किया। इस दौरान आरोपियों की भूमिका, कथित सप्लाई नेटवर्क से उनके संबंध और जांच में सामने आए साक्ष्यों को न्यायालय के समक्ष रखा गया। पुलिस की ओर से की गई प्रभावी पैरवी के बाद अदालत ने दोनों आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं। एसएसपी गौरव सिंह ने बताया कि नशा तस्करी के मामलों में कार्रवाई केवल मादक पदार्थों की बरामदगी तक सीमित नहीं रखी जा रही है। पुलिस बैकवर्ड लिंकेज के माध्यम से सप्लाई नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और मुख्य तस्करों की पहचान करने पर भी विशेष ध्यान दे रही है। साथ ही, मामलों में ठोस साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जा रही है।