बद्दी अग्निकांड: चौथे दिन भी फैक्टरी के भीतर नहीं जा पाई बचाव टीम, असुरक्षित भवन के गिरने का बना है खतरा
सोलन जिले के झाड़माजरी में परफ्यूम बनाने वाली फैक्टरी में अग्निकांड के चौथे दिन भी लापता हुए पांच कामगारों की तलाश नहीं हो पाई है।
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हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के झाड़माजरी में परफ्यूम बनाने वाली फैक्टरी में अग्निकांड के चौथे दिन भी लापता हुए पांच कामगारों की तलाश नहीं हो पाई है। फैक्टरी भवन आग के कारण पूरी तरह से असुरक्षित हो चुका है और चौथी मंजिल बीच से दब गई है। भवन के गिरने का खतरा बना है। इसके चलते एनडीआरएफ की रेस्क्यू टीम भवन की चौथी मंजिल में सर्च अभियान नहीं चला पा रही है। अभी टीम के पास ऐसी कोई भी तकनीक नहीं है कि अनसेफ घोषित भवन के अंदर जा सके। केवल हाइड्रा से ट्राली में बैठकर ही सर्च अभियान चलाया जा सकता है, मगर चौथी मंजिल तक हाइड्रा की मदद से भी नहीं पहुंच पा रहे। सोमवार को हाइड्रा की मदद से कुछ देर तक सर्च अभियान चलाया गया, मगर अंदर कोई नहीं जा पाया। बाद में तलाशी अभियान बंद कर दिया। आशंका है कि लापता पांचों कामगार चौथी मंजिल में ही हो सकते हैं। अग्निकांड के बाद से रेस्क्यू टीम हाइड्रा की मदद से अभियान चलाए हैं। तीन फ्लोर तक हाइड्रा से ट्राली में बैठकर टीम पहुंची। कुछ दूरी तक एनडीआरएफ के जवान भीतर भी गए थे, मगर पूरी तरह से अंदर जाने की किसी की हिम्मत नहीं नहीं हुई। इधर, जो कामगार लापता हैं, उनके परिजन फैक्टरी के गेट के बाहर बैठे हैं।
अभी तक तीन फ्लोर में सर्च अभियान चलाया गया है। यहां पर चार शव मिले हैं। चौथे फ्लोर में नहीं जा पा रहे हैं क्योंकि भवन असुरक्षित घोषित कर दिया गया है और चौथी मंजिल बीच में नीचे बैठ गई है और गिरने का खतरा बना है। ऐसे भवन में जाने के लिए कोई तकनीक नहीं है।- नफीस खान, मुख्य निरीक्षक एनडीआरएफ
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हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के झाड़माजरी में परफ्यूम बनाने वाली फैक्टरी में अग्निकांड के चौथे दिन भी लापता हुए पांच कामगारों की तलाश नहीं हो पाई है। फैक्टरी भवन आग के कारण पूरी तरह से असुरक्षित हो चुका है और चौथी मंजिल बीच से दब गई है। भवन के गिरने का खतरा बना है। इसके चलते एनडीआरएफ की रेस्क्यू टीम भवन की चौथी मंजिल में सर्च अभियान नहीं चला पा रही है। अभी टीम के पास ऐसी कोई भी तकनीक नहीं है कि अनसेफ घोषित भवन के अंदर जा सके।
केवल हाइड्रा से ट्राली में बैठकर ही सर्च अभियान चलाया जा सकता है, मगर चौथी मंजिल तक हाइड्रा की मदद से भी नहीं पहुंच पा रहे। सोमवार को हाइड्रा की मदद से कुछ देर तक सर्च अभियान चलाया गया, मगर अंदर कोई नहीं जा पाया। बाद में तलाशी अभियान बंद कर दिया। आशंका है कि लापता पांचों कामगार चौथी मंजिल में ही हो सकते हैं। अग्निकांड के बाद से रेस्क्यू टीम हाइड्रा की मदद से अभियान चलाए हैं। तीन फ्लोर तक हाइड्रा से ट्राली में बैठकर टीम पहुंची। कुछ दूरी तक एनडीआरएफ के जवान भीतर भी गए थे, मगर पूरी तरह से अंदर जाने की किसी की हिम्मत नहीं नहीं हुई। इधर, जो कामगार लापता हैं, उनके परिजन फैक्टरी के गेट के बाहर बैठे हैं।
अभी तक तीन फ्लोर में सर्च अभियान चलाया गया है। यहां पर चार शव मिले हैं। चौथे फ्लोर में नहीं जा पा रहे हैं क्योंकि भवन असुरक्षित घोषित कर दिया गया है और चौथी मंजिल बीच में नीचे बैठ गई है और गिरने का खतरा बना है। ऐसे भवन में जाने के लिए कोई तकनीक नहीं है।नफीस खान, मुख्य निरीक्षक एनडीआरएफ
चंपो के भाई को एनडीआरएफ ने ट्रॉली से दिखाया भीतर का हाल
चंबा जिले की चंपो का अग्निकांड के बाद कोई सुराग नहीं लग पाया है। सोमवार को चंपो का भाई मोनू शर्मा भी मौके पर पहुंचा। यहां पर मोनू से काफी देर तक हंगामा किया और अंदर जाने की जिद करने लगा, जिसके बाद एनडीआरएफ की टीम ने मोनू को ट्रॉली में बिठाकर बाहर से फैक्टरी के अंदर का माहौल दिखाया। हालांकि मोनू अपनी बहन का शव ढूंढने के लिए प्रशासन व एनडीआरएफ से गुहार लगा रहा है। उसने वहां का वीडियो भी बनाया।