पढ़ें, मुस्लिमों की बढ़ती जनसंख्या पर बाबा रामदेव का बयान
योग गुरु स्वामी रामदेव ने कहा है कि मानव संसाधन किसी भी राष्ट्र के लिए सबसे अधिक महत्वपूर्ण होता हैं, लेकिन जब जनसंख्या असंतुलित रूप से बढ़ने लगती है तो विकट स्थिति पैदा होना शुरू हो जाती है। हाल ही ही जारी धर्म आधारित जनसंख्या के आंकड़ों में हिंदुओं और सिखों की आबादी घटी है और एक वर्ग विशेष की आबादी बढ़ी है। यह मजहबी बात नहीं है, लेकिन राष्ट्र के लिए चिंता का प्रश्न हैं। रामदेव शनिवार को गुरुकुल में आयोजित हिमाचल के राज्यपाल आचार्य डॉ. देवव्रत के अभिनंदन समारोह में बोल रहे थे।
रामदेव ने कहा वह किसी मजहब विशेष की बात नहीं करना चाहते, लेकिन जनसंख्या पर अंकुश लगाने के लिए या तो नैतिक तौर पर या फिर चीन की तर्ज पर कड़े कानून बनाए जाएं। जनसंख्या का संतुलित न होना किसी भी राष्ट्र की उन्नति के लिए बाधक है। हम जमीन बढ़ा नहीं सकते संसाधन भी नहीं बढ़ा सकते। ऐसे में पेट भरने के संसाधन, शिक्षा और चिकित्सा के संसाधन नहीं बढ़े तो देश में हालात खराब हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि वह कुरुक्षेत्र की भूमि से आह्वान करते हैं कि संतुलित जनसंख्या की दिशा में काम किया जाए।
मोदी के सौंपे दायित्व पर खरा उतरेंगे
हिमाचल के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो दायित्व सौंपा है, वे उस पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा हिमाचल प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालयों में राष्ट्रभाषा हिंदी का प्रयोग करने के आदेश दिए हैं और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल से भी आग्रह किया है कि सभी कार्यालयों में राष्ट्रभाषा हिंदी का प्रयोग करना अनिवार्य करें।
हिमाचल के राजभवन में अंग्रेजों के जमाने से चले आ रहे मयखाने को हटाकर रोजाना यज्ञ करने और देसी नस्ल की गायों का सवंर्धन करने, जैविक खेती को बढ़ावा देने, हिमाचल को नशामुक्त प्रदेश बनाने, सभी को एक जैसा अधिकार देने के साथ-साथ प्रदेश की संस्कृति की पुर्नस्थापना करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
आचार्य चरण छूने को झुके तो योग गुरु ने गले लगाया- योग गुरु स्वामी रामदेव जब मंच पर पहुंचे तो आचार्य डॉ. देवव्रत और मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने उनसे आशीर्वाद लिया। हालांकि योग गुरु ने उनके चरण छूने झूके आचार्य देवव्रत को कंधों से पकड़कर गले लगा लिया।