कुल्लू-मनाली समेत हिमालयी क्षेत्रों में हिमस्खलन का खतरा, पांच जिलों के लिए एडवाइजरी जारी
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हिमाचल प्रदेश में लगातार भारी बर्फबारी से कुल्लू-मनाली समेत प्रदेश के पर्वतीय इलाकों में हिमस्खलन का खतरा बना हुआ है। इसे लेकर सासे (हिमपात और हिमस्खलन अध्ययन प्रतिष्ठान) मनाली ने शिमला, कुल्लू, लाहौल-स्पीति, किन्नौर और चंबा जिले के उपायुक्तों को एडवाइजरी जारी की है। छह जनवरी तक हिमस्खलन का खतरा बताया है। सासे मनाली ने इन पांच जिलों के 24 ऐसे प्वाइंट चिहिन्त किए हैं, जहां हिमस्खलन का खतरा है। इनमें सबसे अधिक मनाली-लेह मार्ग के क्लाथ, नेहरूकुंड-कुलंग-पलचान और कोठी, कोठी से रोहतांग दर्रा, कोकसर-सिस्सू-तांदी, तांदी-केलांग-दारचा रूट के अलावा दारचा -पटसेउ-जिंगजिंगबार, अटल टनल रोहतांग के नॉर्थ पोर्टल से सिस्सू-तांदी, जिंगजिंगबार तथा बारालाचा, सरचू से लाचुंगला के अलावा पांग से तंगलंगला के बीच हिमस्खलन हो सकता है।
वहीं, पलचान से सोलंग, सोलंग से धुंधी, अटल टनल के साउथ पोर्टल, तांदी-किर्तिंग-थिरोट, कुकुमसेरी-उदयपुर, उदयपुर से शौर, छाउ-पिंडरू-किलाड़, किलाड़ से बरवास, गाहर से रानीकोट, कोकसर, छतड़-लोसर, ताबो -काजा-समदो-कल्पा, कल्पा-कड़छम, सांगला, नारकंडा-ठियोग तथा जलोड़ी दर्रे से खनाग के बीच हिमस्खलन की आशंका जताई है। एडीएम कुल्लू एसके पराशर ने जिलावासियों से बर्फीले और संवदेनशील इलाकों की ओर न जाने की हिदायत दी है। सैलानियों को भी सोलंगनाला और जलोड़ी दर्रे की तरफ रुख न करने की सलाह दी है।