फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Atal Tunnel Rohtang: BRO happy with the certification of World Book of Records, CM Jairam congratulates

अटल टनल रोहतांग: वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की प्रमाणिकता से बीआरओ में खुशी, सीएम जयराम ने दी बधाई

Thu, 10 Feb 2022 05:57 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, केलांग (लाहौल-स्पीति)
संवाद न्यूज एजेंसी, केलांग (लाहौल-स्पीति) Published by: Krishan Singh Updated Thu, 10 Feb 2022 05:57 PM IST
सार

टनल निर्माण के क्षेत्र में इंजीनियरिंग का बेजोड़ नमूना होने के कारण लंदन स्थित वर्ल्ड बुक ऑफ रिकार्ड्स ने अटल टनल को अपने गोल्ड एडिशन में स्थान दिया है। भारत में पहली बार ऑस्ट्रिया की आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर अटल टनल के नीचे 2.25 मीटर ऊंची और 3.6 मीटर चौड़ी एक छोटी टनल का निर्माण किया गया है।

विज्ञापन
Atal Tunnel Rohtang: BRO happy with the certification of World Book of Records, CM Jairam congratulates
अटल टनल रोहतांग। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अटल टनल रोहतांग को आधिकारिक तौर पर वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की ओर से 10,000 फीट से ऊपर दुनिया की सबसे लंबी राजमार्ग सुरंग के रूप में प्रमाणित किया गया है। इसको लेकर सीमा सड़क संगठन की साख दुनिया भर में मजबूत हुई है। टनल निर्माण के क्षेत्र में इंजीनियरिंग का बेजोड़ नमूना होने के कारण लंदन स्थित वर्ल्ड बुक ऑफ रिकार्ड्स ने अटल टनल को अपने गोल्ड एडिशन में स्थान दिया है। इसमें कहा गया है कि अटन टनल दुनिया में सबसे ऊंचाई पर बनी सबसे लंबी ट्रैफिक टनल है।

विज्ञापन


अटल टनल समुद्र तल से 10171 फीट की ऊंचाई पर बनी 9.02 किमी लंबी टनल है। इस उपलब्धि के लिए सीएम जयराम ठाकुर, मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा, गोविंद ठाकुर और पूर्व विधायक रवि ठाकुर ने सीमा सड़क संगठन की पूरी टीम को बधाई दी है। टनल टनल रोहतांग को वर्ल्ड बुक ऑफ रिकार्ड्स की प्रमाणिकता मिलने से लाहौल और कुल्लू घाटी के लोगों में भी खुशी की लहर है। तीन अक्तूबर 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका विधिवत उद्घाटन कर देश को समर्पित किया था। 
विज्ञापन


अटल टनल के भीतर एक और टनल
केलांग। भारत में पहली बार ऑस्ट्रिया की आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर अटल टनल के नीचे 2.25 मीटर ऊंची और 3.6 मीटर चौड़ी एक छोटी टनल का निर्माण किया गया है। आपातकालीन स्थिति में टाटा सूमो के आकार के वाहनों का इस इमरजेंसी टनल से चलाया जा सकता है। देश में इस तरह की यह पहली टनल है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अटल टनल के निर्माण से छंट गया सदियों का अंधेरा
अटल टनल के निर्माण के साथ ही जनजातीय क्षेत्र लाहौल और पांगी के लिए लोगों को हमेशा के लिए बर्फ की कैद से मुक्ति मिल गई है। बर्फबारी के कारण यह पूरा इलाका साल के पांच महीने तक दुनिया के हलचल से कट जाता था। अब सर्दियों के मौसम में भी टनल होकर आवाजाही जारी है। पहले रोहतांग दर्रा होकर लोगों को लाहौल से कुल्लू पहुंचने में पांच से सात घंटे का वक्त लगता था, लेकिन अब अटल टनल होकर लाहौल से महज 10 मिनट के भीतर कुल्लू की सरहद में पहुंच जाते हैं।


कोरोना भी सुरंग निर्माण के रफ्तार को रोक नहीं पाया
दुनिया कोरोना संक्रमण के कारण लॉक डाउन में चला गया था, वहीं सीमा सड़क संगठन और कंपनी की टीम बर्फबारी के बीच अटल टनल के निर्माण में जुटी रही। कोरोना संक्रमण के पीक के दौर में अटल टनल निर्माण में सबसे तेज गति से काम हुआ। हालांकि, इस दौरान इंजीनियर और वर्करों ने कोविड नियमों का भी पूरी तरह पालन किया था। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed