सुख-दुख की घड़ी में कुल्लू-मनाली दौड़े चले आते थे अटल
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पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का कुल्लू घाटी व यहां के लोगों से करीबी रिश्ता रहा है। वह घाटी के हर लोगों के दिलों में राज करते थे। सुख-दुख की घड़ी में अटल कुल्लू-मनाली दौड़े चले आते थे।
यही वजह है कि अटल के लिए मनाली के प्रीणी में हजारों हाथ दुआओं के लिए खड़े होते हैं। 1995 में ब्यास नदी में आई बाढ़ ने मनाली से लेकर औट तक तबाही मचा दी थी।
इस दौरान अटल ने तत्कालीन राज्यसभा सदस्य रहे महेश्वर सिंह को फोन कर कहा कि हम सुख के समय कुल्लू-मनाली आते हैं और अब दुख की घड़ी में जरूर आएंगे।
कुछ दिन बाद अटल बिहारी वाजपेयी बाढ़ का जायजा लेने आए और वामतट के प्रभावित क्षेत्र का पैदल दौरा कर लोगों से मिले और दुख दर्द को जाना। जिला मुख्यालय के रामशिला में ब्यास नदी पर बना गैमन पुल के साथ जिया में पार्वती नदी पर बने पुलों को मंजूरी भी अटल बिहारी वाजपेयी ने दी है।
वाजपेयी से जिया पुल का नारियल फोड़ कर उद्घाटन करवाया
हालांकि चुनाव के चलते जिया पुल का उद्घाटन नहीं पाया था और पुल का उद्घाटन बिजली महादेव द्वारा करवाया था। बाद में छुट्टी मनाने कुल्लू-मनाली आए वाजपेयी से जिया पुल का नारियल फोड़ कर उद्घाटन करवाया गया।
पूर्व प्रधानमंत्री ने जिला कुल्लू के अधिष्ठाता भगवान रघुनाथ के देवालय में आकर दर्शन कर आशीर्वाद लिया था। उनका कुल्लू के राजपरिवार से बेहद करीबी रिश्ते थे। अटल जब भी कुल्लू आते थे वह बेहड़े में जरूर जाया करते थे।
उन्होंने यहां बेहड़े में भाजपा के सम्मेलन को भी संबोधित किया था। हालांकि इस दौरान वह प्रधानमंत्री नहीं थे। पूर्व सांसद महेश्वर सिंह ने कहा कि उनका अटल जी के साथ पारिवारिक संबंध रहा है। अगर वह लोकसभा व राज्य सभा में पहुंचे हैं तो यह सब अटल जी की देन है और वह इसके लिए उनके ऋणी हैं।
कुल्लू-मनाली के विकास को दिया था 500 करोड़ का पैकेज
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने प्रधानमंत्री रहते हुए कुल्लू-मनाली के विकास के लिए 500 करोड़ का पैकेज दिया था। प्रधान संघ नग्गर खंड के तत्कालीन अध्यक्ष देवेंद्र नेगी ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी एक नेकदिल व दिलवाले प्रधानमंत्री रहे हैं।
उनसे जो भी मांग की, उन्होंने दिल खोल कर दिया। नेगी ने कहा कि 2002-03 में जब प्रधान संघ का एक प्रतिनिधिमंडल उनसे प्रीणी में मिला तो उन्होंने गर्मजोशी के साथ उनका स्वागत किया था।
उन्होंने किरतपुर-मनाली फोरलेन, मनाली में राष्ट्रीय स्तर का अस्पताल, घाटी के पर्यटन स्थलों का विस्तार, बागवानी के लिए कोल्ड स्टोर तथा घाटी की धरोहरों के संरक्षण को लेकर मांग पत्र सौंपा था।