विधानसभा सत्र: सीएम जयराम बोले- कर्मचारी नियमों को तोड़ेंगे तो उन पर कार्रवाई की जाएगी
सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि आंदोलन की भाषा में कोई सोचेगा भी कि जबरदस्ती उनकी बात मानेंगे और अपनी बात मनवाने का दबाव बना रहे हैं तो वह उन्हें साफ कह देना चाहते हैं कि उनकी बात नहीं मानी जाएगी। जो कर्मचारी नियमों को तोड़ेंगे, उन पर कार्रवाई की जाएगी।
विस्तार
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा है कि जो आंदोलन के माध्यम से बात करना चाहते हैं, उन्हें वह साफ संदेश देना चाहते हैं कि मेहरबानी करके जिसने अपनी बात करनी है, वह सहजता और सरलता से करें। आंदोलन की भाषा में कोई सोचेगा भी कि जबरदस्ती उनकी बात मानेंगे और अपनी बात मनवाने का दबाव बना रहे हैं तो वह उन्हें साफ कह देना चाहते हैं कि उनकी बात नहीं मानी जाएगी। जो कर्मचारी नियमों को तोड़ेंगे, उन पर कार्रवाई की जाएगी। सीएम जयराम ठाकुर ने यह बात उस वक्त बुधवार को पत्रकारों के सवाल के जवाब में कही, जब उनसे पूछा गया कि कर्मचारियों के कई संगठन आंदोलन पर उतारू हो गए हैं। सीएम जयराम ठाकुर ने बुधवार को विधानसभा परिसर में कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण में वही चीजें थीं, जो पिछले चार साल में हिमाचल प्रदेश की जनता के लिए शामिल की गईं।
अभिभाषण में इस बात का जिक्र आया है कि पूर्व सरकार के समय में दो और आज 48 ऑक्सीजन प्लांट हैं। वेंटिलेटर पूर्व सरकार के समय में 50 थे। इनमें से 30 चलते थे, मगर 20 नहीं चलते थे। अब हिमाचल में 1014 वेंटिलेटर हो गए हैं। आईसीयू बेड की संख्या 52 थी। आज प्रदेश में 557 आईसीयू बेड हैं। इसमें क्या झूठ है। ऑक्सीजन सिलिंडर 2800 थे। वर्तमान में ऑक्सीजन के सिलिंडर 17 हजार हैं। आज निवेश की साढे़ 41 हजार करोड़ रुपये की ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी हो गई है। राज्य ने नए नगर निगम, नई नगर पंचायतें और ग्राम पंचायतें बनाईं। प्रधानमंत्री का हिमाचल प्रदेश में आना एक बड़ी घटना है। राज्य सरकार ने एक के बाद अनेक काम किए हैं।
जयराम ने ऊना से उद्योग मंत्री को ऊना मौके पर भेजा
- मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि ऊना की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। मंडलायुक्त ने इस बारे में उपायुक्त से रिपोर्ट मांगी है। इस बारे में वीरवार को विस्तार में जानकारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि उद्योग मंत्री को मौके पर भेजा गया है। वहां पर गैर कानूनी तरीके से पटाखे मिले हैं।
अनिल शर्मा को समझना चाहिए, वह अभी भी भाजपा के विधायक
सीएम जयराम ठाकुर ने मंडी सदर के भाजपा विधायक अनिल शर्मा की ओर से बार-बार उठाए जा रहे सरकार से सहयोग नहीं मिलने के सवाल पर कहा कि उन्हें समझना चाहिए कि वह अभी भी भाजपा के विधायक हैं। उन्हें मालूम है कि सरकार से कैसे काम लेना है। परिवार के बजाय वह अपने क्षेत्र के विकास पर ध्यान देते तो और बेहतर होता। उनके यहां एसडीएम का कार्यालय किसने खोला। डेढ़ सौ करोड़ रुपये का शिवधाम किसने शुरू किया। उनके यहां नगर निगम किसने बनाकर दिया। इसमें भी वह खिलाफत करते रहे।