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विधानसभा ध्यानाकर्षण प्रस्ताव: शिक्षा मंत्री रोहित बोले- सितंबर में हिमाचल पूर्ण साक्षर राज्य होगा घोषित

Wed, 27 Aug 2025 05:33 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Wed, 27 Aug 2025 05:33 PM IST
सार

शिक्षा मंत्री ने कहा कि जिन स्कूलों में बच्चों की संख्या ज्यादा होगी। उन स्कूलों को खोलने पर सरकार पुनर्विचार करेगी। उन्होंने यह जानकारी नियम-62 के तहत भाजपा विधायक जनक राज और राकेश जम्वाल की ओर से लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर चर्चा के जवाब में दी।

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Assembly: Himachal will be declared a fully literate state in September, Education Minister reply on the atten
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा है कि सरकार ने शिक्षा में बेहतर सुधार किए हैं। नेशनल सर्वे में हिमाचल देश के पांचवें स्थान पर पहुंचा है। वर्ष 1947 में प्रदेश की साक्षरता दर सात फीसदी थी। अगले महीने हिमाचल को पूर्ण साक्षर राज्य घोषित किया जा रहा है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि जिन स्कूलों में बच्चों की संख्या ज्यादा होगी। उन स्कूलों को खोलने पर सरकार पुनर्विचार करेगी। उन्होंने यह जानकारी नियम-62 के तहत भाजपा विधायक जनक राज और राकेश जम्वाल की ओर से लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर चर्चा के जवाब में दी।

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शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्कूलों को मर्ज करने फैसले विपक्ष ने भी सराहा है। भाजपा शासित राज्यों में भी स्कूलों को मर्ज किया गया है। अकेले उत्तर प्रदेश में ही 30 हजार स्कूलों को मर्ज किया गया है। विशेष परिस्थिति वाले पहाड़ी राज्यों में स्कूलों को मर्ज किया गया है। देश में पिछले 10 वर्षों में 90 हजार स्कूलों को मर्ज किया गया है। हिमाचल में 1353 स्कूलों को मर्ज किया गया। पूर्व में कक्षा एक से पांचवीं तक निजी और सरकारी स्कूलों में छह लाख से ज्यादा बच्चे पंजीकृत थे।
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जिसमें से पांच लाख 90 हजार सरकारी स्कूल में पंजीकृत थे। मंत्री ने कहा कि कई उच्च शिक्षण संस्थान ऐसे हैं जहां पर बच्चों का दाखिला 100 से भी कम रह गया है। शिक्षा मंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार का उद्देश्य बिना किसी कारण के स्कूलों को बंद करना नहीं है। भाजपा विधायक जनकराज और राकेश जम्वाल ने राजकीय माध्यमिक पाठशाला चलौली एवं प्राथमिक पाठशाला नेरी को डि नोटिफाई करने से उत्पन्न हुई स्थिति के बारे में सदन में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाया। कहा कि छात्र होने के बाद भी स्कूलों को बंद कर दिया। बच्चों को जंगल के रास्ता से कई किलोमीटर दूर स्कूल जाना पड़ रहा है।

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