विधानसभा ध्यानाकर्षण प्रस्ताव: गरली से ऊना स्थानांतरित नहीं होगा हिमाचल सहकारी प्रबंधन केंद्र
प्रदेश सहकारी प्रबंधन केंद्र गरली को जिला ऊना में स्थानांतरित नहीं किया जाएगा। हिमाचल प्रदेश सहकारी प्रबंधन केंद्र गरली वर्ष 1981 से चल रहा है।
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हिमाचल प्रदेश सहकारी प्रबंधन केंद्र गरली को जिला ऊना में स्थानांतरित नहीं किया जाएगा। हिमाचल प्रदेश सहकारी प्रबंधन केंद्र गरली वर्ष 1981 से चल रहा है। इसमें 60 प्रशिक्षणार्थियों के प्रशिक्षण और ठहरने की व्यवस्था है। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने सदन में यह जानकारी भाजपा विधायक विक्रम ठाकुर की ओर से नियम- 62 के तहत लगाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के दौरान दी। दरअसल विक्रम ठाकुर ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव में पूछा कि क्या गरली के संस्थान को ऊना शिफ्ट किया जा रहा है? उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर कुछ पंचायतों के प्रतिनिधि भी उनसे मिले थे और ये शंका जाहिर की गरली संस्थान को ऊना में शिफ्ट किया जा रहा है। इसको लेकर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इसे शिफ्ट नहीं किया जा रहा है।
मुकेश ने कहा कि भारत में सहकारी आंदोलन के संस्थापक मियां हीरा सिंह के महत्वपूर्ण योगदान को मान्यता देतेे हुए हिमकोफेड की ओर से ऊना जिला के पंजावर में एक नया सहकारी प्रशिक्षण संस्थान स्थापित करना प्रस्तावित है। मियां हीरा सिंह ने 1892 में हिमाचल प्रदेश के ऊना जिला के पंजावर से भारत में सहकारिता आंदोलन की शुरुआत की थी। उनकी विरासत को सम्मान देने के लिए इस नए केंद्र का नाम मियां हीरा सिंह राज्य स्तरीय सहकारी प्रशिक्षण केंद्र पंजावर रखा गया है। इस प्रस्तावित संस्थान का शिलान्यास 08 फरवरी, 2024 को किया गया। इसकी अनुमानित लागत 795.91 लाख है। अत: दोनों प्रशिक्षण केंद्र यानी हिमाचल प्रदेश सहकारी प्रबंधन केंद्र गरली जिला कांगड़ा और ऊना जिला के पंजावर में प्रस्तावित सहकारी प्रशिक्षण संस्थान एक साथ काम करते रहेंगे।
ओपीडी में डॉक्टर विधायक को देखने पड़ रहे मरीज
भरमौर से भाजपा विधायक जनकराज ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र होली में डॉक्टर की तैनाती न होने का मामला उठाया। कहा कि स्वास्थ्य केंद्र क्लर्क और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के सहारे चल रहा है। जब वह क्षेत्र के दौरे पर होते हैं तो खुद ओपीडी में बैठते हैं। डॉक्टर न होने के कारण 14 पंचायकों के लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। उत्तर में स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल ने कहा कि 7 से 10 दिन के भीतर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र होली में स्थायी तौर पर डॉक्टर की तैनाती कर दी जाएगी।
सराहां-चंडीगढ़ सड़क की सुध लो सरकार : रीना
शिमला। पच्छाद से विधायक रीना कश्यप ने सदन में सराहां-चंडीगढ़ सड़क की खस्ताहालत का मुद्दा उठाया। बताया कि सड़क भूस्खलन के बाद से सड़क पर जगह-जगह मलबा पड़ा है, जिसे हटाया नहीं गया। ड्रेन टूटी है। लोगों को आवाजाही में परेशानी झेलनी पड़ रही है। इसके जवाब में लोनिवि मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि इस सड़क को नाबार्ड के तहत अपग्रेड किया जाना प्रस्तावित है। अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर सड़क को अपग्रेड करने की डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए जाएंगे।
खेल जरूरी पर विभाग का नेशनल अचीवमेंट सर्वे पर फोकस : रोहित
विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने सदन में प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय की ओर से अंडर-12 खेलकूद प्रतियोगिताओं के आयोजन पर रोक लगाने संबंधी आदेशों का मामला उठाया। कहा कि छात्र जीवन में खेलों का बहुत महत्व है। खेलों पर रोक लगाने के फैसले पर सरकार पुनर्विचार करे। उत्तर पर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि स्कूली छात्रों के लिए खेल प्रतियोगिताएं बेहद महत्वपूर्ण हैं, लेकिन मौजूदा समय में विभाग का पूरा फोकस नेशनल अचीवमेंट सर्वे पर है। 3 साल बाद यह सर्वे हो रहा है और इस सर्वे में 3, 6 और 9वीं कक्षाओं का सर्वे होना है।
बंदर के काटने से अस्पताल पहुंच गए तीन लोग : भवानी
शिमला। विधायक भवानी सिंह पठानिया ने शिमला में बंदरों की समस्या पर सदन का ध्यान केंद्रित करवाया। भवानी ने कहा कि शिमला में बंदरों की समस्या से लोग परेशान हैं। विधानसभा परिसर में ही कुछ लोग बंदरों के हमले का शिकार हो गए हैं, जिन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा है। सरकार को इस समस्या को गंभीरता से लेना चाहिए। भाजपा विधायक बिक्रम सिंह ठाकुर ने भी उनकी चिंता को वाजिब करार देते हुए समस्या के समाधान का सरकार से आग्रह किया।