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Hamirpur: आशीष शर्मा बोले-हार के डर से इस्तीफा नहीं किया स्वीकार, जाएंगे सुप्रीम कोर्ट
Thu, 28 Mar 2024 06:25 PM IST
Krishan Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
Published by: Krishan Singh
Updated Thu, 28 Mar 2024 06:25 PM IST
सार
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने गृह जिला में विकास कार्य करवाए होते तो इस्तीफे की पेशकश के अगले दिन ही इसे स्वीकार कर लिया जाना चाहिए था।
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आशीष शर्मा
- फोटो : संवाद
विस्तार
विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हुए आजाद विधायक आशीष शर्मा ने कहा कि उपचुनाव में हार के डर से विधानसभा में उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया जा रहा है। इस मुद्दे पर सभी आजाद विधायक सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने गृह जिला में विकास कार्य करवाए होते तो इस्तीफे की पेशकश के अगले दिन ही इसे स्वीकार कर लिया जाना चाहिए था। सरकार को डर है कि छह सीट के साथ आजाद विधायकों की तीन सीट भी भाजपा के खाते में चली जाएगी। वह हमीरपुर पहुंचने पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इससे पहले भाजपा मंडल हमीरपुर व उनके समर्थकों ने गर्मजोशी से स्वागत किया।
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उन्होंने कहा कि उपचुनाव लोकसभा चुनाव के साथ हों या बाद में, कांग्रेस निश्चित तौर पर हारेगी। पिछले 14 महीने से प्रदेश में निकम्मी सरकार है, जिसने हमीरपुर जिला के साथ अन्याय किया है। विधानसभा अध्यक्ष एक सांविधानिक पद पर हैं, वह किसी एक पार्टी के नहीं हैं। बावजूद इसके इस्तीफे को स्वीकार न किया जाना सीधे तौर पर राजनीतिक दबाव को दर्शाता है। खरीद-फरोख्त के सवाल पर आशीष ने कहा कि पहली दफा चुने गए विधायक हैं और हिमाचल में यह राजनीति न आज तक हुई है और न होगी। पिछले आठ माह तक उन्हें एक विधायक के तौर पर प्रताड़ित किया गया है। छह माह से मुख्यमंत्री ने मिलने तक का समय नहीं दिया था। विधायक व मुख्य प्रवक्ता राकेश जमवाल ने कहा कि निर्दलीय विधायकों के इस्तीफा देने के बावजूद उन्हें स्वीकार करने के बजाए नोटिस देकर दबाव बनाया जा रहा है।
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