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Shimla News: सनातन धर्म सभा के चुनाव होते ही छिड़ गया घमासान
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पूर्व प्रधान ने उठाई कार्यों की जांच की मांग
बोले, वही बनाए हैं सदस्य जो वर्तमान प्रधान को देते हैं वोट
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। सनातन धर्म सभा के चुनाव के बाद सभा में घमासान मच गया है। सभा के पूर्व प्रधान ने वर्तमान प्रधान पर निशाना साधा है। पूर्व प्रधान कुलभूषण सूद ने आरोप लगाया है कि प्रधान अजय सूद ने सभा में उन्हीं लोगों को सदस्यता दी है जो उनके समूह को वोट देते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधान की ओर से बिलासपुर, रोहड़ू, कोटखाई स्थानों से मंदिर सभा के सदस्य बनाए हैं। शिमला से सदस्यता चाहने वाले लोगों को सदस्य फार्म नहीं दिया जाता। उन्होंने प्रधान से पिछले कार्यों की समीक्षा और खर्चों की जांच करने की मांग भी उठाई है। सभा के साधारण सदस्यों की कमेटी बनाई जाई जो कार्यों की निष्पक्ष जांच कर सके। इसके बाद रिपोर्ट सभा के सामने पेश की जाए। उन्होंने कहा कि सभा कार्यकारिणी की ओर से 2008 में स्कूल में हुई अनियमितताओं की जांच करने के लिए एक कमेटी उनकी अध्यक्षता में बनाई थी। इसकी जांच कर सभा को रिपोर्ट दी थी लेकिन प्रधान की ओर से रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया गया। इसके साथ ही कसूरवार व्यक्ति के खिलाफ भी कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद 2021 में एक जांच कमेटी हरजीत सिंह मंगा की अध्यक्षता में गठित हुई थी। इस जांच रिपोर्ट को भी दबा दिया गया। क्योंकि इस रिपोर्ट में भी कसूरवार पाए गए थे।
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बोले, वही बनाए हैं सदस्य जो वर्तमान प्रधान को देते हैं वोट
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। सनातन धर्म सभा के चुनाव के बाद सभा में घमासान मच गया है। सभा के पूर्व प्रधान ने वर्तमान प्रधान पर निशाना साधा है। पूर्व प्रधान कुलभूषण सूद ने आरोप लगाया है कि प्रधान अजय सूद ने सभा में उन्हीं लोगों को सदस्यता दी है जो उनके समूह को वोट देते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधान की ओर से बिलासपुर, रोहड़ू, कोटखाई स्थानों से मंदिर सभा के सदस्य बनाए हैं। शिमला से सदस्यता चाहने वाले लोगों को सदस्य फार्म नहीं दिया जाता। उन्होंने प्रधान से पिछले कार्यों की समीक्षा और खर्चों की जांच करने की मांग भी उठाई है। सभा के साधारण सदस्यों की कमेटी बनाई जाई जो कार्यों की निष्पक्ष जांच कर सके। इसके बाद रिपोर्ट सभा के सामने पेश की जाए। उन्होंने कहा कि सभा कार्यकारिणी की ओर से 2008 में स्कूल में हुई अनियमितताओं की जांच करने के लिए एक कमेटी उनकी अध्यक्षता में बनाई थी। इसकी जांच कर सभा को रिपोर्ट दी थी लेकिन प्रधान की ओर से रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया गया। इसके साथ ही कसूरवार व्यक्ति के खिलाफ भी कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद 2021 में एक जांच कमेटी हरजीत सिंह मंगा की अध्यक्षता में गठित हुई थी। इस जांच रिपोर्ट को भी दबा दिया गया। क्योंकि इस रिपोर्ट में भी कसूरवार पाए गए थे।
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