फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   apple

70 फीसदी आढ़ती बिना पंजीकरण कर रहे सेब कारोबार

Sun, 04 Aug 2019 10:54 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 04 Aug 2019 10:54 PM IST
विज्ञापन
apple
शिमला। एपीएमसी के नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए हिमाचल में बिना पंजीकरण सैकड़ों आढ़ती सेब कारोबार कर रहे हैं। नियमों के अनुसार जिन आढ़तियों ने पंजीकरण नहीं करवाया है। वे मंडियों में कारोबार नहीं कर सकते हैं। करीब 70 फीसदी आढ़ती बिना पंजीकरण कराए धड़ल्ले से सेब बेच रहे हैं और उन पर नकेल कसने वाला कोई नहीं है। हैरानी की बात है कि एपीएमसी एक्ट में साफ किया गया है कि बिना पंजीकरण के कोई भी आढ़ती मंडियों में कारोबार नहीं कर सकता। इसके बाद भी बिना पंजीकरण कराए आढ़ती मंडियों में सेब करोड़ों का कारोबार कर रहे हैं। अगर बिना पंजीकरण कराए आढ़ती बागवानों से करोड़ों का सेब खरीदने के बाद भुगतान नहीं करता है तो फिर किसे पकड़ा जाएगा। बिना पंजीकरण के आढ़ती के खिलाफ कार्रवाई कर नहीं की जा सकती। सरकार ने आढ़तियों का पंजीकरण इसलिए जरूरी कर रखा है ताकि बागवानों को अगर भुगतान नहीं किया जाता है तो उससे रिकवरी की जाए। इन आढ़तियों को लदानियों के नाम और पता पुलिस के पास उपलब्ध करवाना होता है।
विज्ञापन

प्रदेश किसान संघर्ष समिति के सचिव संजय चौहान ने बताया कि रोहडू में आंदोलन के बाद जब अधिकारियों के साथ बैठक हुई तो यह मामला सामने आया है कि करीब 70 फीसदी आढ़ती बिना पंजीकरण के सेब बेच रहे हैं। पंजीकरण के मामला एपीएमसी के पास लंबित है। ऐसे में आढ़ती और लदानी बागवानों को आर्थिक चूना लगा दें तो किससे रिकवरी की जाएगी।
विज्ञापन

राज्य विपणन बोर्ड के अध्यक्ष बलदेव सिंह भंडारी ने कहा कि बिना पंजीकरण के आढ़ती सेब कारोबार करेंगे तो उन पर जुर्माना लगाया जाएगा। परवाणू में बागवानों को चूना लगाने वाले आढ़तियों पर कार्रवाई की गई है। बिना पंजीकरण के आढ़तियों का सेब नहीं खरीदने दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed