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सेब सीजन में ट्रकों पर अब मोबाइल एप से रहेगी नजर
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एप के जरिये ही ट्रक चालकों के लिए जारी किए आईकार्ड की होगी जांच
ट्रकों के गायब होने की घटनाओं पर लगेगा अंकुश
विश्वास भारद्वाज
शिमला। आधिकारिक तौर पर कल से शुरू हो रहे सेब सीजन के दौरान सेब ढुलाई करने वाले ट्रकों पर मोबाइल एप के जरिये नजर रखी जाएगी। सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग की मदद से तैयार किए एप के जरिये ही ट्रक चालकों को जारी आईकार्ड की जांच की जाएगी। प्रशासन का दावा है कि एप के इस्तेमाल से सेब से लदे ट्रकों के रास्ते से गायब होने की घटनाओं पर पूरी तरह अंकुश लग जाएगा।
एप में डाटा दर्ज होने के बाद बैरियरों पर सेब ढुलाई में लगे ट्रकों के दस्तावेज जांचने की जरूरत नहीं रहेगी। आईकार्ड स्कैन करते ही पूरा विवरण सामने आ जाएगा। इससे जहां समय की बचत होगी, वहीं कोरोना संक्रमण का खतरा भी कम होगा। एप के जरिये सेब ढुलाई में लगे प्रत्येक ट्रक की यूनीक आईडी बनाई जाएगी। इसमें ट्रक से संबंधित पूरा विवरण दर्ज होगा। सेब का ट्रक किस समय किस नाके से गुजरा इसका पूरा डाटा एप में रहेगा। परवाणू बैरियर को भी एप से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
पुलिस अधीक्षक शिमला ने इसे लेकर उपायुक्त सोलन और पुलिस अधीक्षक सोलन को पत्र लिखा है। एप के इस्तेमाल से सेब नियंत्रण कक्षों पर ट्रकों के पंजीकरण का काम पेपर लैस हो जाएगा। एप पर अपलोड होते ही ट्रक से संबंधित पूरा विवरण सही समय अपडेट हो जाएगा। एसडीएम ठियोग सौरभ जस्सल ने बताया कि 15 जुलाई को विधिवत तरीके से एप लांच होगी।
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जाम न लगे, इसके लिए
छराबड़ा में लगेगा बैरियर
सेब सीजन के रफ्तार पकड़ने के बाद शिमला में ट्रैफिक जाम की समस्या पेश न आए, इसके लिए छराबड़ा में बैरियर स्थापित करने की तैयारी है। सेब सीजन के लिए अतिरिक्त रिजर्व मिलने के बाद बैरियर शुरू किया जाएगा। छराबड़ा से सेब के ट्रक नियंत्रित तरीके से शिमला भेजे जाएंगे। सीजन में सेब ट्रकों के दुर्घटनाग्रस्त होने पर विभागों के समन्वय से रेस्क्यू किया जाएगा। ट्रकों को सड़कों से हटाने के लिए पुलिस प्रशासन, लोनिवि, राष्ट्रीय राजमार्ग और एचआरटीसी से तकनीकी सहायता ली जाएगी।
अगले चरण में ई-पेमेंट की सुविधा
अगले चरण में पंजीकरण शुल्क भी मोबाइल एप के माध्यम से वसूलने की तैयारी है। एप में ई-पेमेंट सुविधा जोड़कर यह संभव होगा। पैसे के लेनदेन का झंझट खत्म हो जाएगा। इससे जहां काम में पारदर्शिता आएगी, सेब नियंत्रण कक्ष में तैनात स्टाफ पर काम का बोझ भी कम होगा।
एप से रखी जाएगी ट्रकों पर नजर : एसपी
एसपी मोहित चावला ने बताया कि सेब सीजन के दौरान सेब ढुलाई करने वाले ट्रकों पर तकनीक की मदद से नजर रखी जाएगी। मोबाइल एप के जरिये ही ट्रक चालकों के आईकार्ड जांचे जाएंगे। कौन से बैरियर से ट्रक कब गुजरा, इसका पूरा विवरण एप पर दर्ज रहेगा। सेब के ट्रकों के गायब होने की घटनाओं पर इसकी मदद से अंकुश लगेगा।
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ट्रकों के गायब होने की घटनाओं पर लगेगा अंकुश
विश्वास भारद्वाज
शिमला। आधिकारिक तौर पर कल से शुरू हो रहे सेब सीजन के दौरान सेब ढुलाई करने वाले ट्रकों पर मोबाइल एप के जरिये नजर रखी जाएगी। सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग की मदद से तैयार किए एप के जरिये ही ट्रक चालकों को जारी आईकार्ड की जांच की जाएगी। प्रशासन का दावा है कि एप के इस्तेमाल से सेब से लदे ट्रकों के रास्ते से गायब होने की घटनाओं पर पूरी तरह अंकुश लग जाएगा।
एप में डाटा दर्ज होने के बाद बैरियरों पर सेब ढुलाई में लगे ट्रकों के दस्तावेज जांचने की जरूरत नहीं रहेगी। आईकार्ड स्कैन करते ही पूरा विवरण सामने आ जाएगा। इससे जहां समय की बचत होगी, वहीं कोरोना संक्रमण का खतरा भी कम होगा। एप के जरिये सेब ढुलाई में लगे प्रत्येक ट्रक की यूनीक आईडी बनाई जाएगी। इसमें ट्रक से संबंधित पूरा विवरण दर्ज होगा। सेब का ट्रक किस समय किस नाके से गुजरा इसका पूरा डाटा एप में रहेगा। परवाणू बैरियर को भी एप से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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पुलिस अधीक्षक शिमला ने इसे लेकर उपायुक्त सोलन और पुलिस अधीक्षक सोलन को पत्र लिखा है। एप के इस्तेमाल से सेब नियंत्रण कक्षों पर ट्रकों के पंजीकरण का काम पेपर लैस हो जाएगा। एप पर अपलोड होते ही ट्रक से संबंधित पूरा विवरण सही समय अपडेट हो जाएगा। एसडीएम ठियोग सौरभ जस्सल ने बताया कि 15 जुलाई को विधिवत तरीके से एप लांच होगी।
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जाम न लगे, इसके लिए
छराबड़ा में लगेगा बैरियर
सेब सीजन के रफ्तार पकड़ने के बाद शिमला में ट्रैफिक जाम की समस्या पेश न आए, इसके लिए छराबड़ा में बैरियर स्थापित करने की तैयारी है। सेब सीजन के लिए अतिरिक्त रिजर्व मिलने के बाद बैरियर शुरू किया जाएगा। छराबड़ा से सेब के ट्रक नियंत्रित तरीके से शिमला भेजे जाएंगे। सीजन में सेब ट्रकों के दुर्घटनाग्रस्त होने पर विभागों के समन्वय से रेस्क्यू किया जाएगा। ट्रकों को सड़कों से हटाने के लिए पुलिस प्रशासन, लोनिवि, राष्ट्रीय राजमार्ग और एचआरटीसी से तकनीकी सहायता ली जाएगी।
अगले चरण में ई-पेमेंट की सुविधा
अगले चरण में पंजीकरण शुल्क भी मोबाइल एप के माध्यम से वसूलने की तैयारी है। एप में ई-पेमेंट सुविधा जोड़कर यह संभव होगा। पैसे के लेनदेन का झंझट खत्म हो जाएगा। इससे जहां काम में पारदर्शिता आएगी, सेब नियंत्रण कक्ष में तैनात स्टाफ पर काम का बोझ भी कम होगा।
एप से रखी जाएगी ट्रकों पर नजर : एसपी
एसपी मोहित चावला ने बताया कि सेब सीजन के दौरान सेब ढुलाई करने वाले ट्रकों पर तकनीक की मदद से नजर रखी जाएगी। मोबाइल एप के जरिये ही ट्रक चालकों के आईकार्ड जांचे जाएंगे। कौन से बैरियर से ट्रक कब गुजरा, इसका पूरा विवरण एप पर दर्ज रहेगा। सेब के ट्रकों के गायब होने की घटनाओं पर इसकी मदद से अंकुश लगेगा।