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सेब कारोबार के लिए छोटा पड़ गया भट्ठाकुफर फल मंडी का अस्थायी शेड
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आज से पुराने शेड के आधे भाग में लगेंगी बोलियां, नए शेड में स्टोर की जाएंगी पेटियां
राजधानी शिमला की भट्ठाकुफर फल मंडी में बनाया अस्थायी शेड सेब कारोबार के लिए छोटा पड़ गया है। जगह कम होने से यहां सेब की पेटियां स्टोर करने और बोलियां लगाने के लिए जगह नहीं मिल रही। शुक्रवार को अमर उजाला संवाददाता विश्वास भारद्वाज और फोटो जर्नलिस्ट नरेश भारद्वाज ने भट्ठाकुफर मंडी में व्यवस्थाओं का जायजा लिया। पेश है लाइव रिपोर्ट:-
शिमला। स्थान : भट्ठाकुफर फल मंडी का अस्थायी शेड। समय :12:20 बजे। फल मंडी के पुराने ऑक्शन यार्ड में लोहे की जालियां बनाने का काम चल रहा है, पार्किंग में इक्का-दुक्का निजी गाड़ियां खड़ी हैं। नए अस्थायी शेड के बाहर सेब से लदी गाड़ियां खड़ी हैं और पूरा ऑक्शन यार्ड सेब की पेटियों से खचाखच भरा है।
पेटियों के बीच जगह बनाकर आढ़ती बागवानों का सेब बेच रहे हैं। जगह तंग होने से बागवानों, आढ़तियों और खरीददारों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। महालक्ष्मी ट्रेडिंग कंपनी 11 नंबर के संचालक सुरेंद्र शर्मा स्कारलेट स्पर वैरायटी के सेब की बोलियां लगा रहे हैं। जगह तंग होने से उनका कर्मचारी पिकअप की रेलिंग पर चढ़कर पेटियों की संख्या बता रहा है। 2000 से शुरू हुई बोली 3500 पर जाकर रुकी है। माल की अच्छी कीमत मिलने से बागवान पन्ना लाल शर्मा संतुष्ट है।
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उन्होंने बताया कि 2018 में अपने बगीचे में स्कारलेट स्पर लगाया था। 3 साल बाद फसल आना शुरू हो गई है। अमन फ्रूट कंपनी में नाशपाती की बोलियां चल रही हैं। बड़ी संख्या में बाहरी राज्यों से खरीददार मंडी पहुंचे हैं। सेब की रेड जून, टाइडमेन, रॉयल और स्पर किस्में बिकने के लिए मंडी पहुंची है। सार्वजनिक शौचालय बंद होने, पार्किंग की किल्लत और जगह तंग होने के कारण मंडी में लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
पुराने ऑक्शन यार्ड के आधे भाग
में आज से बिकेगा सेब : अमन
ढली मंडी आढ़ती एसोसिएशन के उपाध्यक्ष अमन सूद और कारोबारी मनीष चौधरी ने बताया कि शनिवार से मंडी के पुराने ऑक्शन यार्ड में आधे भाग में आढ़तियों को बराबर भाग उपलब्ध करवाकर सेब की बोलियां लगाई जाएंगी। नए शेड में सेब की पेटियां स्टोर की जाएंगी। बागवानों, आढ़तियों और खरीददारों को कोई परेशानी पेश न आए इसका पूरा प्रयास किया जाएगा।
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राजधानी शिमला की भट्ठाकुफर फल मंडी में बनाया अस्थायी शेड सेब कारोबार के लिए छोटा पड़ गया है। जगह कम होने से यहां सेब की पेटियां स्टोर करने और बोलियां लगाने के लिए जगह नहीं मिल रही। शुक्रवार को अमर उजाला संवाददाता विश्वास भारद्वाज और फोटो जर्नलिस्ट नरेश भारद्वाज ने भट्ठाकुफर मंडी में व्यवस्थाओं का जायजा लिया। पेश है लाइव रिपोर्ट:-
शिमला। स्थान : भट्ठाकुफर फल मंडी का अस्थायी शेड। समय :12:20 बजे। फल मंडी के पुराने ऑक्शन यार्ड में लोहे की जालियां बनाने का काम चल रहा है, पार्किंग में इक्का-दुक्का निजी गाड़ियां खड़ी हैं। नए अस्थायी शेड के बाहर सेब से लदी गाड़ियां खड़ी हैं और पूरा ऑक्शन यार्ड सेब की पेटियों से खचाखच भरा है।
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पेटियों के बीच जगह बनाकर आढ़ती बागवानों का सेब बेच रहे हैं। जगह तंग होने से बागवानों, आढ़तियों और खरीददारों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। महालक्ष्मी ट्रेडिंग कंपनी 11 नंबर के संचालक सुरेंद्र शर्मा स्कारलेट स्पर वैरायटी के सेब की बोलियां लगा रहे हैं। जगह तंग होने से उनका कर्मचारी पिकअप की रेलिंग पर चढ़कर पेटियों की संख्या बता रहा है। 2000 से शुरू हुई बोली 3500 पर जाकर रुकी है। माल की अच्छी कीमत मिलने से बागवान पन्ना लाल शर्मा संतुष्ट है।
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उन्होंने बताया कि 2018 में अपने बगीचे में स्कारलेट स्पर लगाया था। 3 साल बाद फसल आना शुरू हो गई है। अमन फ्रूट कंपनी में नाशपाती की बोलियां चल रही हैं। बड़ी संख्या में बाहरी राज्यों से खरीददार मंडी पहुंचे हैं। सेब की रेड जून, टाइडमेन, रॉयल और स्पर किस्में बिकने के लिए मंडी पहुंची है। सार्वजनिक शौचालय बंद होने, पार्किंग की किल्लत और जगह तंग होने के कारण मंडी में लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
पुराने ऑक्शन यार्ड के आधे भाग
में आज से बिकेगा सेब : अमन
ढली मंडी आढ़ती एसोसिएशन के उपाध्यक्ष अमन सूद और कारोबारी मनीष चौधरी ने बताया कि शनिवार से मंडी के पुराने ऑक्शन यार्ड में आधे भाग में आढ़तियों को बराबर भाग उपलब्ध करवाकर सेब की बोलियां लगाई जाएंगी। नए शेड में सेब की पेटियां स्टोर की जाएंगी। बागवानों, आढ़तियों और खरीददारों को कोई परेशानी पेश न आए इसका पूरा प्रयास किया जाएगा।