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Shimla News: 22 किलो से अधिक की सेब पैकिंग पर तुरंत रोक लगाए सरकार
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हिमालयन एप्पल ग्रोवर्स सोसायटी ने प्रदेश सरकार से उठाई मांग
बोले, सेब का भाड़ा वजन के हिसाब से लागू न होने से बागवानों को हो रहा 30 फीसदी नुकसान
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। हिमालयन एप्पल ग्रोवर्स सोसायटी (एचएजीएस) ने प्रदेश सरकार से सेब की 22 किलो से अधिक की पैकिंग पर तुरंत रोक लगाने की मांग उठाई है। सोसायटी के महासचिव राजेश धांटा ने प्रदेश सरकार, बागवानी विभाग और जिला प्रशासन से मांग की है कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि किसी भी सूरत में यूनिवर्सल और टेलिस्कोपिक कार्टन में की जा रही 22 किलो से अधिक पैकिंग न हो। सरकार ने जो कानून बनाया है उसका पालन हर हाल में होना चाहिए। इसके अलावा सेब का भाड़ा वजन के अनुसार ही होना चाहिए। सरकार ने इसको लेकर दावा किया था लेकिन इसे लागू नहीं करवाया जा रहा है जिससे बागवानों को सीधे करीब 30 फीसदी का नुकसान हो रहा है। सरकार को मंडियों में सेब किलो के हिसाब से बेचने की व्यवस्था सख्ती से लागू करवानी चाहिए। मंडियों में सेब गड़ के हिसाब से बेचा जाना चाहिए। प्रदेश की कुछ मंडियों में छोटा सेब 30 फीसदी कम दाम पर बेचा जा रहा है जिससे बागवानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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बोले, सेब का भाड़ा वजन के हिसाब से लागू न होने से बागवानों को हो रहा 30 फीसदी नुकसान
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। हिमालयन एप्पल ग्रोवर्स सोसायटी (एचएजीएस) ने प्रदेश सरकार से सेब की 22 किलो से अधिक की पैकिंग पर तुरंत रोक लगाने की मांग उठाई है। सोसायटी के महासचिव राजेश धांटा ने प्रदेश सरकार, बागवानी विभाग और जिला प्रशासन से मांग की है कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि किसी भी सूरत में यूनिवर्सल और टेलिस्कोपिक कार्टन में की जा रही 22 किलो से अधिक पैकिंग न हो। सरकार ने जो कानून बनाया है उसका पालन हर हाल में होना चाहिए। इसके अलावा सेब का भाड़ा वजन के अनुसार ही होना चाहिए। सरकार ने इसको लेकर दावा किया था लेकिन इसे लागू नहीं करवाया जा रहा है जिससे बागवानों को सीधे करीब 30 फीसदी का नुकसान हो रहा है। सरकार को मंडियों में सेब किलो के हिसाब से बेचने की व्यवस्था सख्ती से लागू करवानी चाहिए। मंडियों में सेब गड़ के हिसाब से बेचा जाना चाहिए। प्रदेश की कुछ मंडियों में छोटा सेब 30 फीसदी कम दाम पर बेचा जा रहा है जिससे बागवानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।