सेब उत्पादक संघ: यूनिवर्सल कार्टन लागू नहीं होने की सूरत में प्रदेश स्तरीय आंदोलन का एलान
सेब उत्पादक संघ ने सेब की पैकिंग के लिए यूनिवर्सल कार्टन लागू न होने की सूरत में प्रदेश स्तरीय आंदोलन शुरू करने का एलान कर दिया है। शनिवार को संघ की राज्य स्तरीय बैठक में यह फैसला लिया गया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सेब उत्पादक संघ ने सेब की पैकिंग के लिए यूनिवर्सल कार्टन लागू न होने की सूरत में प्रदेश स्तरीय आंदोलन शुरू करने का एलान कर दिया है। शनिवार को संघ की राज्य स्तरीय बैठक में यह फैसला लिया गया। आंदोलन की रूपरेखा तय करने के लिए 17 जून को शिमला में प्रदेश स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। पूर्व विधायक राकेश सिंघा की मौजूदगी में हुई राज्य स्तरीय बैठक में कोटगढ़ हॉर्टिकल्चर एंड एनवायरमेंट सोसायटी के अध्यक्ष वयोवृद्ध बागवान हरिचंद रोच ने कहा कि 24 किलो सेब की पैकिंग की शर्त व्यावहारिक नहीं है। इससे सिर्फ व्यापारियों और बड़ी निजी कंपनियों को फायदा होगा।
सरकार को बागवानों के हित में तीन कानून कड़ाई से लागू करने चाहिए। एपीएमसी एक्ट 2005, एचपी मैट्रोलॉजिकल एक्ट 2009 और एचपी पैसेंजर एंड गुड्स टैक्सेशन एक्ट 1955 लागू होने से ही बागवानों को राहत मिल सकती है। पूर्व विधायक राकेश सिंघा ने कहा कि मंडियों में बागवानों से खुली लूट हो रही है, क्योंकि मंडियां एपीएमसी के नहीं, बल्कि आढ़तियों के नियमों से लागू हो रही हैं। अगर बागवानों को लूट से बचाना है तो यूनिवर्सल कार्टन ही एकमात्र विकल्प है। यूनिवर्सल कार्टन में ही 44 देशों से भारत में सेब आयात होता है। सेब पैकिंग के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित यूनिवर्सल कार्टन लागू करने की अधिसूचना तुरंत जारी की जानी चाहिए।
17 जून को तय होगी आंदोलन की रूपरेखा : सोहन
सेब उत्पादक संघ की राज्य स्तरीय बैठक में यूनिवर्सल कार्टन लागू न होने की सूरत में आंदोलन शुरू करने का फैसला लिया गया है। 17 जून को शिमला में होने वाले सम्मेलन में आंदोलन की रूपरेखा तय होगी। प्रदेश सरकार किसानों-बागवानों के हितों की अनदेखी कर रही है। यूनिवर्सल कार्टन लागू करने को लेकर टालमटोल हो रहा है।- सोहन ठाकुर, प्रदेशाध्यक्ष सेब उत्पादक संघ, हिमाचल प्रदेश
वजन के आधार पर नहीं हो रही गुठलीदार फलों की ट्रांसपोर्टेशन
सेब उत्पादक संघ ने आरोप लगाया है कि सरकार के वजन के हिसाब से फलों की ट्रांसपोर्टेशन का दावा किया है। गुठलीदार फलों का सीजन इन दिनों चर्म पर है, लेकिन वजन के आधार पर ट्रांसपोर्टेशन नहीं हो रही। ट्रांसपोर्टर बागवानों से मनमाना किराया वसूल रहे हैं। सेब सीजन में भी सरकार के दावे ऐसे ही हवा होने की आशंका है।