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Shimla News: मंडियों में घटी सेब की आमद, बारिश से तुड़ान में रुकावट
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भट्ठाकुफर फल मंडी में दो दिन में दो हजार पेटियों की आवक कम
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। बारिश के चलते जिले के ऊपरी इलाकों में सेब तुड़ान की प्रक्रिया थम गई है। इसके चलते जिले की सेब मंडियों में सेब की पेटियों की आमद घट गई है।
राजधानी की भट्ठाकुफर फल मंडी में दो दिन में सेब की दो हजार पेटियों की आवक कम हुई है। शुक्रवार को फल मंडी में जहां करीब 14 हजार सेब की पेटियां पहुंची थीं, वहीं रविवार को संख्या घटकर 12 हजार तक पहुंच गई। हालांकि कम सेब पहुंचने की वजह से बागवानों को फसल के अच्छे दाम मिल रहे हैं क्योंकि बाहरी राज्यों में सेब की मांग अधिक है। इन दिनों मंडी में सेब की 20 किलोग्राम की पेटी दो से पांच हजार तक बिक रही है। बीते कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के चलते मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों के बागवानों ने तुड़ान रोक दिया है, क्योंकि बागवान सेब के आकार का बढ़ने का इंतजार कर रहे हैं। वहीं निचले इलाकों में सेब सीजन खत्म हो चुका है। 15 अगस्त के बाद ऊंचाई वाले इलाकों में भी सेब सीजन शुरू हो जाएगा। ऊंचाई वाले इलाकों से ज्यादातर स्पर और रॉयल सेब की खेप पहुंचती है।
बारिश से पहले सूखे के चलते निचले और मध्यम ऊंचाई वाले इलाकों में इस वर्ष सेब की पैदावार प्रभावित हुई है। बागवानों के अनुसार सूखा पड़ने की वजह से न तो सेब का आकार बन पाया और न ही फल में अच्छा रंग आया। भट्ठाकुफर फल मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान प्रताप चौहान ने बताया कि इन दिनाें मंडी में सेब की की आवक कम हो गई है। जब ऊपरी इलाके से सेब मंडी में पहुंचना शुरू होगा, उसके बाद ही सीजन और कारोबार रफ्तार पकड़ेगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। बारिश के चलते जिले के ऊपरी इलाकों में सेब तुड़ान की प्रक्रिया थम गई है। इसके चलते जिले की सेब मंडियों में सेब की पेटियों की आमद घट गई है।
राजधानी की भट्ठाकुफर फल मंडी में दो दिन में सेब की दो हजार पेटियों की आवक कम हुई है। शुक्रवार को फल मंडी में जहां करीब 14 हजार सेब की पेटियां पहुंची थीं, वहीं रविवार को संख्या घटकर 12 हजार तक पहुंच गई। हालांकि कम सेब पहुंचने की वजह से बागवानों को फसल के अच्छे दाम मिल रहे हैं क्योंकि बाहरी राज्यों में सेब की मांग अधिक है। इन दिनों मंडी में सेब की 20 किलोग्राम की पेटी दो से पांच हजार तक बिक रही है। बीते कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के चलते मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों के बागवानों ने तुड़ान रोक दिया है, क्योंकि बागवान सेब के आकार का बढ़ने का इंतजार कर रहे हैं। वहीं निचले इलाकों में सेब सीजन खत्म हो चुका है। 15 अगस्त के बाद ऊंचाई वाले इलाकों में भी सेब सीजन शुरू हो जाएगा। ऊंचाई वाले इलाकों से ज्यादातर स्पर और रॉयल सेब की खेप पहुंचती है।
बारिश से पहले सूखे के चलते निचले और मध्यम ऊंचाई वाले इलाकों में इस वर्ष सेब की पैदावार प्रभावित हुई है। बागवानों के अनुसार सूखा पड़ने की वजह से न तो सेब का आकार बन पाया और न ही फल में अच्छा रंग आया। भट्ठाकुफर फल मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान प्रताप चौहान ने बताया कि इन दिनाें मंडी में सेब की की आवक कम हो गई है। जब ऊपरी इलाके से सेब मंडी में पहुंचना शुरू होगा, उसके बाद ही सीजन और कारोबार रफ्तार पकड़ेगा।
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