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कमजोर सेटिंग से सेब को झटका!
टीम डिजिटल/अमर उजाला, शिमला
Updated Thu, 08 May 2014 08:12 PM IST
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कमजोर फल सेटिंग से सेब कारोबार को झटका लग सकता है। निचले और मध्यम क्षेत्रों के बागवान इससे परेशान हैं। इससे करोड़ों का नुकसान हो सकता है। ऐसे में हिमाचल में 3300 करोड़ रुपये का सालाना का कारोबार नहीं होगा।
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सेब की कमजोर सेटिंग का कारण इस बार मौसम में रही ठंडक और लगातार चला बारिशों का दौर रहा है। फ्लावरिंग के दौरान जिस तरह से बारिश चलती रही, वह फलों के विकास के लिए घातक रही है। राज्य बागवानी विभाग ने अभी यह अंदाजा तो नहीं लगाया गया है कि किस क्षेत्र में कितना नुकसान हुआ है।
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बावजूद इसके यह माना जा रहा है कि इस बार सेब सीजन 2500 से लेकर 3000 करोड़ के बीच भी सिमट सकता है। हालांकि, अभी देखना यह होगा कि ऊंचे और अत्यधिक ऊंचे क्षेत्रों में क्या हाल है। उसी हिसाब से सेब सीजन का पूर्वानुमान संभव होगा।
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कोटखाई तहसील के पजौल गांव के प्रगतिशील बागवान प्रताप चौहान की मानें तो नुकसान केवल निचले और मध्यम क्षेत्रों में आंका गया है। ऊंचे क्षेत्रों में फसल ठीक है। ऐसे में यह माना जा सकता है कि इस बार फिर भी सेब कारोबार पिछले साल से 20 फीसदी कम हो पाएगा।
प्रदेश में बागवानी तकनीकी मिशन के निदेशक डा. आईडी गुप्ता ने कहा है कि फील्ड से रिपोर्ट आने के बाद ही यह कहा जा सकेगा कि इस बार सेब सीजन कैसा रहेगा। अभी ड्रॉपिंग भी होनी है। ऐसे में पूर्वानुमान तब तक नहीं लग सकता, जब तक फल पूरी तरह से न टिक जाए।
जहां सेटिंग, वहां ओलों की मार
कुल्लू जिले के आनी, दलाश आदि कई क्षेत्रों सहित शिमला जिले के कोटखाई, ठियोग, रोहडू् सहित कई इलाकों मेें जहां सेटिंग अच्छी हुई भी है, वहां ओलों की मार पड़ी है।
ओलों से छलनी हुए सेब के फलों का विकास प्रभावित हो सकता है। इसके अलावा फ्लावरिंग के दौरान भी ओलावृष्टि ने नुकसान किया है।