ओलंपिक: खिलाड़ी बोले- बस हारना नहीं, इस बार ‘चक दे इंडिया’
हॉकी कोच चंद्रशेखर ने कहा कि हाकी में दोहरी खुशी की खबर ओलंपिक से आई है। दोनों टीमों के इस यादगार प्रदर्शन ने पुरानी यादें ताजा कर दी हैं।
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टोक्यो ओलंपिक में भारत की महिला और पुरुष टीमों के सेमीफाइनल में पहुंचने से हाकी खिलाड़ियों के साथ-साथ प्रशंसकों में खुशी का माहौल है। प्रशंसक और खिलाड़ियों ने टीमों से कहा है कि बस हारना नहीं। इस बार ‘चक दे इंडिया’। देश को मेडल का तोहफा दे दो।
हॉकी कोच चंद्रशेखर ने कहा कि हाकी में दोहरी खुशी की खबर ओलंपिक से आई है। दोनों टीमों के इस यादगार प्रदर्शन ने पुरानी यादें ताजा कर दी हैं। देश की दोनों टीमें फाइनल में जीत दर्जकर गोल्ड मेडल जीते। यही दुआ है।
इंडिया सीनियर महिला हॉकी कैंप लगा चुकी गोलकीपर महिमा पुंडीर ने कहा कि ओलंपिक से भारतीय हाकी के लिए दो यादगार खबरें आई हैं। जीत की नायिका गोल करने वाली गुरजीत कौर के साथ गोलकीपर सविता पूनिया रही हैं।
राष्ट्रीय स्तर की हॉकी खिलाड़ी सविता ने कहा कि भारत की गुरजीत कौर ने 22वें मिनट में गोल दाग टीम को 1-0 की लीड दिलाई। यह गोल ओलंपिक के सेमीफाइनल में पहुंचने और इस जीत के साथ नया इतिहास लिख गया है।
राष्ट्रीय खिलाड़ी मोक्षिका पुंडीर ने कहा कि रविवार को पुरुषों ने ग्रेट ब्रिटेन को हराकर 49 साल बाद सेमीफाइनल में जगह बनाई। सोमवार को महिला टीम ने भी कमाल कर दिया। इससे भारतवासी गौरवान्वित हैं।
राष्ट्रीय खिलाड़ी मोनिका कपूर ने बताया कि सोमवार का दिन खास रहा है। टोक्यो ओलंपिक में पुरुष के बाद अब महिला हॉकी टीम ने इतिहास रच दिया है। बस हारना नहीं, अब देश के लिए मेडल लेकर आना है।
टीमें मेडल जीतीं, तो हिमाचल बुलाकर किया जाएगा सम्मानित
सोलन हॉकी संघ के प्रधान रणधीर सिंह ने कहा कि दोनों टीमें कोई भी मेडल लेकर आती हैं तो संघ टीम को हिमाचल बुलाकर सम्मानित करेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हॉकी कोच बहुत कम है। हाकी में युवा आगे आना चाहते हैं लेकिन मैदान न होना और अधिक खर्च से उनका सपना साकार नहीं हो पाता।
दूसरे खेलों को दिया जा रहा ज्यादा महत्व
मेजर ध्यान सिंह हॉकी संघ के अध्यक्ष मनीष सूद ने कहा कि हॉकी खेल में बेहतरीन संभावनाएं हैं लेकिन वर्तमान में अन्य खेलों को अधिक महत्व दिया जा रहा है। इसका कारण मैदान की कमी है। इसके लिए प्रदेश सरकार को ध्यान देने की जरूरत है।