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मासिक धर्म के दौरान हर आठ घंटे में बदले पैड
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मासिक धर्म के दौरान हर आठ घंटे में बदले सेनेटरी पैड
शिमला। अमर उजाला के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स अभियान के तहत मंगलवार को कन्या वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल पोर्टमोर में ग्यारहवीं कक्षा की छात्राओं को व्यक्तिगत स्वच्छता (पर्सनल हाईजीन) की जानकारी दी गई। आईजीएमसी के कम्यूनिटी मेडिसन विभाग की डॉ. वंदना और डॉ. नेहा ने कहा कि स्वस्थ जीवन जीने के लिए साफ सुथरा रहना जरूरी है।
डॉ. वंदना ने छात्राओं को मासिक धर्म के समय को लेकर फैली भ्रांतियों के प्रति जागरूक किया। इस दौरान छात्रा निकिता, मुस्कान, कालजंग और खुशबू सहित हाल में मौजूद 125 छात्राओं ने चिकित्सकों से सवाल भी किए। डॉ. वंदना ने बताया कि इन पांच दिन में महिलाओं को और अधिक साफ रहने की जरूरत होती है। हर आठ घंटे के बाद सेनेटरी पैड को अवश्य बदलें। ब्लीडिंग अगर अधिक हो तो ऐसी स्थिति में तीन घंटे बाद पैड बदल लेना चाहिए। इस समय में साफ सफाई का विशेष ख्याल रखें तो बीमारियों से बचा जा सकता है। यदि इसमें लापरवाही बरती तो महिलाओं का शरीर कई तरह की बीमारियों की चपेट में आ सकता है। खून की कमी जैसी समस्याओं को लेकर भी जागरूक किया। महिलाओं और छात्राओं को इसका विशेष ख्याल रखना चाहिए।
डॉ. नेहा ने छात्राओं को हाथ धोने के छह तरीके बताए। बताया कि खाना खाने से पहले और शौच जाने के बाद साबुन से हाथ धोना क्यों जरूरी है? गंदे हाथ रहने पर खाना खा लिया जाए तो इससे डायरिया, टीबी सहित कई तरह के रोग होने की संभावनाएं रहती हैं। नाखूनों को काटने और दिन में सुबह और रात को सोने से पूर्व ब्रश करने को अपनी रूटीन में शामिल कर लें। छात्राओं को साफ कपड़े पहनने और रुमाल हमेशा अपने साथ रखने को कहा। फलों को हमेशा धोकर ही खाएं। इसमें कई तरह के कीटनाशकों का इस्तेमाल होता है जो मानव शरीर के लिए घातक होते हैं।
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शिमला। अमर उजाला के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स अभियान के तहत मंगलवार को कन्या वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल पोर्टमोर में ग्यारहवीं कक्षा की छात्राओं को व्यक्तिगत स्वच्छता (पर्सनल हाईजीन) की जानकारी दी गई। आईजीएमसी के कम्यूनिटी मेडिसन विभाग की डॉ. वंदना और डॉ. नेहा ने कहा कि स्वस्थ जीवन जीने के लिए साफ सुथरा रहना जरूरी है।
डॉ. वंदना ने छात्राओं को मासिक धर्म के समय को लेकर फैली भ्रांतियों के प्रति जागरूक किया। इस दौरान छात्रा निकिता, मुस्कान, कालजंग और खुशबू सहित हाल में मौजूद 125 छात्राओं ने चिकित्सकों से सवाल भी किए। डॉ. वंदना ने बताया कि इन पांच दिन में महिलाओं को और अधिक साफ रहने की जरूरत होती है। हर आठ घंटे के बाद सेनेटरी पैड को अवश्य बदलें। ब्लीडिंग अगर अधिक हो तो ऐसी स्थिति में तीन घंटे बाद पैड बदल लेना चाहिए। इस समय में साफ सफाई का विशेष ख्याल रखें तो बीमारियों से बचा जा सकता है। यदि इसमें लापरवाही बरती तो महिलाओं का शरीर कई तरह की बीमारियों की चपेट में आ सकता है। खून की कमी जैसी समस्याओं को लेकर भी जागरूक किया। महिलाओं और छात्राओं को इसका विशेष ख्याल रखना चाहिए।
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डॉ. नेहा ने छात्राओं को हाथ धोने के छह तरीके बताए। बताया कि खाना खाने से पहले और शौच जाने के बाद साबुन से हाथ धोना क्यों जरूरी है? गंदे हाथ रहने पर खाना खा लिया जाए तो इससे डायरिया, टीबी सहित कई तरह के रोग होने की संभावनाएं रहती हैं। नाखूनों को काटने और दिन में सुबह और रात को सोने से पूर्व ब्रश करने को अपनी रूटीन में शामिल कर लें। छात्राओं को साफ कपड़े पहनने और रुमाल हमेशा अपने साथ रखने को कहा। फलों को हमेशा धोकर ही खाएं। इसमें कई तरह के कीटनाशकों का इस्तेमाल होता है जो मानव शरीर के लिए घातक होते हैं।
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