Shimla: अनुराग ठाकुर बोले- पेपर लीक आतंकवाद जितना बड़ा खतरा, परीक्षा माफिया कसेगा शिकंजा
पूर्व केंद्रीय मंत्री और हमीरपुर से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने लोकसभा में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 का समर्थन करते हुए कहा कि पेपर लीक और संगठित नकल देश के युवाओं के भविष्य पर हमला है तथा यह आतंकवाद और नक्सलवाद की तरह गंभीर चुनौती है।
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पूर्व केंद्रीय मंत्री और हमीरपुर से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने लोकसभा में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 का समर्थन करते हुए कहा कि पेपर लीक और संगठित नकल देश के युवाओं के भविष्य पर हमला है तथा यह आतंकवाद और नक्सलवाद की तरह गंभीर चुनौती है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार परीक्षा माफिया को जड़ से समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है और नया संशोधन कानून को और अधिक कठोर तथा प्रभावी बनाएगा।
मंगलवार को लोकसभा में चर्चा के दौरान अनुराग ठाकुर ने कहा कि मोदी सरकार ने वर्ष 2024 में देश का पहला एंटी-चीटिंग कानून लागू किया था और अब उसे और मजबूत बनाने के लिए संशोधन लाया गया है। उन्होंने कहा कि संशोधित विधेयक में सजा को अधिक कठोर, जांच प्रक्रिया को समयबद्ध तथा दोषियों की जवाबदेही को और स्पष्ट किया गया है, ताकि करोड़ों विद्यार्थियों को न्याय मिल सके। उन्होंने कहा कि सरकार केवल समस्याओं पर चर्चा नहीं करती, बल्कि उनके समाधान के लिए ठोस व्यवस्था भी बनाती है। यह विधेयक परीक्षा में धांधली करने वालों के साथ-साथ परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों और उनके वरिष्ठ प्रबंधन की जवाबदेही भी तय करेगा।
कांग्रेस पर साधा निशाना
अनुराग ठाकुर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने दशकों तक देश पर शासन किया, लेकिन पेपर लीक और नकल माफिया पर अंकुश लगाने के लिए कोई व्यापक कानून नहीं बनाया। उन्होंने कहा कि यूपीए शासनकाल में एआईएमएस, एआईईईई और एसएससी-सीजीएल जैसी परीक्षाओं में अनियमितताओं के मामले सामने आए, लेकिन कोई राष्ट्रीय स्तर का मजबूत कानूनी ढांचा तैयार नहीं किया गया। उन्होंने विभिन्न राज्यों में सामने आए भर्ती और परीक्षा घोटालों का उल्लेख करते हुए कहा कि राजस्थान, झारखंड, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल और हिमाचल प्रदेश सहित कई राज्यों में पेपर लीक और भर्ती विवादों ने लाखों युवाओं को प्रभावित किया है। ऐसे मामलों में राजनीति नहीं, बल्कि कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
हिमाचल सरकार पर भी हमला
अनुराग ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हिमाचल प्रदेश की शिक्षा और भर्ती व्यवस्था सवालों के घेरे में रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में पेपर लीक और भर्ती अनियमितताओं के मामलों ने युवाओं का भरोसा कमजोर किया है, जबकि केंद्र सरकार पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती प्रणाली स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है। सांसद अनुराग ठाकुर ने विपक्षी दलों से छात्र हित को प्राथमिकता देने की अपील करते हुए कहा कि विद्यार्थियों की चिंता को राजनीतिक मुद्दा बनाने के बजाय उनके भविष्य की सुरक्षा के लिए मजबूत कानूनों का समर्थन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार युवाओं के साथ खड़ी है और परीक्षा प्रणाली को भ्रष्टाचार एवं धांधली से मुक्त बनाने के लिए हर आवश्यक कदम उठाएगी।