फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Anti drug campaign: Chitta taken for fun first pushed him into the quagmire of addiction and then made him a

Shimla: मस्ती में लिए चिट्टे ने पहले नशे के दलदल में धकेला, फिर बना दिया अपराधी, पढ़ें पूरी रिपोर्ट

Wed, 13 Nov 2024 11:35 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Wed, 13 Nov 2024 11:35 AM IST
सार

जानकारों का मानना है कि पहली बार ही चिट्टे का नशा लेने वाला इसका 80 फीसदी तक आदी हो जाता है। दूसरी बार चिट्टा लेने वाला पूरी तरह से इसकी गिरफ्त में आ जाता है। 

विज्ञापन
Anti drug campaign:  Chitta taken for fun first pushed him into the quagmire of addiction and then made him a
अलख जगाओ, नशा भगाओ अभियान। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चिट्टे की लत युवाओं को अपराध की दुनिया में धकेल रही है। पहली बार कोई भी युवा दोस्त और परिचित के साथ इस नशे को शौक के तौर पर लेता है, लेकिन इसकी लत इतनी खतरनाक है कि फिर नशे की पूर्ति के लिए नशेड़ी छीनाझपटी और चोरी तक करने को मजबूर हो जाते हैं।  इसकी शुरुआत पहले घर और फिर समाज में शुरू हो जाती है। जानकारों का मानना है कि पहली बार ही चिट्टे का नशा लेने वाला इसका 80 फीसदी तक आदी हो जाता है। दूसरी बार चिट्टा लेने वाला पूरी तरह से इसकी गिरफ्त में आ जाता है। इसके बाद वह नशे के लिए किसी भी हद तक जा सकता है।   यही वजह है कि जिले में होने वाली चोरियों की ज्यादातर वारदातों में चिट्टे के आदी युवाओं की संलिप्तता सामने आ रही है।

विज्ञापन


ये भी पढ़ें: Martyr Rakesh Kumar: माथा चूमा, कंधा देकर भानुप्रिया ने पति को किया आखिरी सैल्यूट, हर आंख हुई नम
विज्ञापन


पुलिस के मुताबिक चोरी की घटनाओं की जांच से पता चला है कि जिले में होने वाली पांच चोरियों में चार में नशे के आदी युवाओं का हाथ है।  चिट्टे के लत में 18 से 30 साल के युवाओं की संख्या अधिक है। इसमें कई युवा ऐसे हैं जिनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हो चुके हैं। इसके बावजूद वह नशे की लत को मिटाने के लिए लगातार चोरियों की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं।  जुलाई में टुटू में घर में हुई चोरी की घटना में भी आरोपी चिट्टे का आदी ही निकला था। पुलिस की जांच में पता चला है कि आरोपी घर से गहने और नगदी चुराकर चंडीगढ़ चिट्टा खरीदने के लिए चला गया था। इसके खिलाफ पहले ही चोरी समेत अन्य 11 आपराधिक मामले दर्ज हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

केस स्टडी -1
न्यू शिमला सेक्टर तीन में 23 अगस्त की शाम करीब 4:00 बजे एक महिला अपने घर की ओर जा रही थी। इसी दौरान शिव मंदिर के पास सीढि़यों पर एक युवक पहले ही खड़ा हुआ था जैसे ही महिला युवक के समीप पहुंची तो युवक ने अचानक झपटा मारकर महिला के गले से हार निकाल लिया और मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान करने के बाद उसे दबोच लिया। आरोपी से पूछताछ की गई तो पता चला कि आरोपी चिट्टे का आदी है

केस स्टडी -2
खलीनी बाईपास में 29 जून को एक महिला डॉक्टर अपने परिवार के साथ कनलोग में रहने वाले अपने रिश्तेदार के यहां आए। इस दौरान उन्होंने अपनी कार सड़क के किनारे खड़ा कर दी। गलती से वह अपना बैग गाड़ी में ही भूल गए जिसमें सोने के गहने थे। अगले दिन जब वह गाड़ी के पास पहुंचे तो शीशा तोड़कर किसी ने बैग को चुरा लिया था। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो मामले में एक स्थानीय युवक को गिरफ्तार किया गया। वह भी नशे का आदी निकला।

केस स्टडी -3
सितंबर महीने में संजौली क्षेत्र में बैंक में काम करने वाले व्यक्ति के घर से दिनदहाड़े की लाखों के गहनों की चोरी का मामला सामने आया। पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज किया और मामले की जांच शुरू की। इस दौरान पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर एक युवक को गिरफ्तार किया। पुलिस जांच में सामने आया कि युवक नशे का आदी है और लंबे समय से घर भी नहीं जा रहा है। आरोपी युवक गाड़ी में रहता था। आरोपी ने बताया कि वह नशे का आदी है और उसने घर से करीब पांच लाख रुपये के गहने चुराए थे।
 

एसपी शिमला ने ये कहा
चिट्टे का नशा युवाओं को अपराध की ओर धकेल रहा है। इसकी पूर्ति के लिए युवा चोरी जैसी घटनाओं को भी अंजाम दे रहे हैं। जिला पुलिस ने नशे के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए लगातार इस पर चोट की है। यही वजह है कि जिले में चोरी की घटनाओं में भी कमी देखी है। इसके लिए पुलिस ने सोशल इंटेलिजेंस इंटीग्रेटिड सिस्टम तैयार किया है। इसकी मदद से नशा तस्करों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। -संजीव कुमार गांधी, एसपी शिमला

प्रदेश में नशा बढ़ने से चोरियों के मामले बढ़े
प्रदेश में वर्ष 2023 में चोरी के 660 मामले दर्ज किए हैं जबकि इस साल अगस्त तक पुलिस विभाग ने 384 मामले दर्ज किए हैं। वर्ष 2020 में 347, वर्ष 2021 में 475 और वर्ष 2022 में 670 तथा वर्ष 2023 में 660 मामले सामने आए हैं। इसमें घरों में होने वाली चोरियों के अलावा अन्य मामले शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक दस साल पहले चोरी के मामलों में बाहरी राज्यों के चोर गिरोह और अन्य लोगों की संलिप्तता रहती थी लेकिन चिट्टे के नशे का प्रचलन प्रदेश में बढ़ने के कारण अब प्रदेश के युवाओं की संलिप्तता बढ़ गई है। पुलिस का कहना है कि नशे में फंसे युवाओं को मुख्य धारा में लाने के लिए महकमा प्रयास कर रहा है शिविर भी लगा रहा है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed