ऑनलाइन गो-ग्रास से पुण्य कमाने का मौका देगी हिमाचल सरकार
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अब आप ऑनलाइन गो-ग्रास से पुण्य कमा सकेंगे। सरकार गो-ग्रास के नाम से एक ऑनलाइन खाता खोलने जा रही है। इससे प्रदेश भर में खुलने वाली काऊ सेंक्चुरियों में चारे आदि की व्यवस्था की जाएगी।
सरकार ने इसके लिए विशेष बजट का प्रावधान रखा है, लेकिन इस योजना को जनसहभागिता से जोड़ा जा रहा है ताकि लोग गो-सेवा से पुण्य भी कमा सकें। पशुपालन विभाग इसके लिए प्रदेश भर में लगभग 13 काऊ सेंक्चुरी स्थापित करने जा रहा है।
योजना में ऊना में 3, चंबा में 2, कांगड़ा में 2, हमीरपुर में 2, बिलासपुर में 2 तथा सिरमौर में 2 गो-अभ्यारण्य स्थापित किए जाएंगे। बाकायदा ऊना जिले में इसके लिए थानाकलां, गगरेट और कटौहड़ कलां में जगह भी चिन्हित कर ली गई है।
बताया जा रहा है कि गोशालाओं में पर्याप्त जगह और अन्य तकनीकी कारणों के चलते बेसहारा गायों व अन्य गौवंश को पूरी तरह से आश्रय नहीं मिल पा रहा है। जिसके चलते प्रदेश ने काऊ सेंक्चुरी स्थापित करने की योजना बनाई है।
इन अभ्यारण्यों में सैकड़ों कनाल जंगली चरागाह के अलावा गायों के लिए शेड, फीड आदि की सुविधा के लिए निर्माण कार्य किए जाएंगे। एक-एक काऊ सेंक्चुरी में 1 से 2 हजार गायों को रखने की क्षमता होगी।
गोग्रास योजना से जुड़ेगी सेंक्चुरी : वीरेंद्र कंवर
इनमें पानी आदि की व्यवस्था के लिए सरोवरों का निर्माण भी किया जाएगा, भूमिगत जल की व्यवस्था की जाएगी। सरकार ने शराब की बिक्री पर भी एक प्रतिशत सेस का प्रावधान किया है। जिससे करीबन 10 करोड़ की सालाना आय का अनुमान है।
यह राशि पूरी तरह से बेसहारा गायों के संरक्षण पर खर्च की जाएगी। पशुपालन मंत्री वीरेंद्र कंवर ने बताया कि सभी काऊ सेंक्चुरी को गो-ग्रास योजना से जोड़ा जाएगा। इसके लिए विभाग एक खाता नंबर जल्द जारी करेगा।
उन्होंने कहा कि सरकार इस योजना पर पर्याप्त बजट खर्च करेगी, जिससे लोगों को इस समस्या से निजात मिलेगी वहीं, प्रदेश सरकार के गो संरक्षण की दिशा में प्रयास सार्थक होंगे।