मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से सोमवार सुबह मुलाकात कर ऊर्जा मंत्री अनिल शर्मा ने कहा कि मेरा बेटा आश्रय कांग्रेस ज्वाइन कर रहा है। कांग्रेस से उसे टिकट का ऑफर मिला है। मेरे समक्ष धर्म संकट खड़ा हो गया है। लिहाजा, भाजपा के लिए प्रचार नहीं कर पाऊंगा। अनिल ने कहा कि वह अपने पिता पंडित सुखराम और बेटे आश्रय के खिलाफ नहीं जा सकते।
2 of 5
आश्रय शर्मा
- फोटो : फाइल फोटो
हालांकि उन्होंने बताया कि वह कांग्रेस के लिए भी प्रचार नहीं करेंगे। वहीं, अमर उजाला से बातचीत में अनिल शर्मा ने कहा कि वह वर्तमान सरकार में मंत्री हैं और भाजपा के सदस्य हैं। ऐसे में कांग्रेस का प्रचार कैसे कर सकते हैं। वह अपने बेटे आश्रय के खिलाफ भी प्रचार नहीं कर सकते हैं। न वह कांग्रेस और न ही भाजपा के लिए प्रचार करेंगे।
3 of 5
आश्रय शर्मा
- फोटो : फाइल फोटो
कांग्रेस सरकार में पंचायती राज मंत्री रहे अनिल शर्मा दिसंबर 2017 में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भाजपा में शामिल हो गए थे। भाजपा से चुनाव जीतने के बाद जयराम मंत्रिमंडल में उन्हें ऊर्जा मंत्री बनाया गया। कांग्रेस सरकार में पूर्व केंद्रीय संचार राज्य मंत्री रहे पंडित सुखराम ने भी पार्टी छोड़कर हिमाचल विकास कांग्रेस पार्टी का गठन किया था।
4 of 5
पंडित सुखराम
- फोटो : फाइल फोटो
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अनिल शर्मा ने रविवार देर शाम फोन कर मिलने की इच्छा जताई थी। सुबह मंडी पहुंचने पर अनिल शर्मा से काफी देर बात हुई। उनका कहना है कि मंडी संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस उनके बेटे को टिकट का ऑफर दे रही है। यह उनका पारिवारिक मामला हो सकता है।
5 of 5
आश्रय शर्मा
- फोटो : फाइल फोटो
लेकिन हमारी पार्टी की ओर से निर्णय हो चुका है। टिकट राम स्वरूप शर्मा को दिया गया है। मंडी सीट पर भाजपा बड़े अंतर से जीतेगी। कांग्रेस में जाने के लिए उनका परिवार स्वतंत्र है। अनिल शर्मा जो निर्णय करना चाहते हैं वह करें। भाजपा आलाकमान का कहना है कि जो पार्टी में थे ही नहीं उनके जाने से क्या होगा। उन्होंने कहा कि वे पंडित सुखराम को सम्मान देते रहे हैं।