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हिमाचल के प्री प्राइमरी स्कूलों में होगा आंगनबाड़ी केंद्रों का विलय, शिक्षा मंत्री ने किया एलान

Sat, 27 Jul 2019 04:52 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धर्मशाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धर्मशाला Published by: Krishan Singh Updated Sat, 27 Jul 2019 04:52 PM IST
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Anganwadi centers will be merged in  primary schools of himachal
- फोटो : अमर उजाला

शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि राज्य सरकार आंगनबाड़ी केंद्रों का विलय प्री प्राइमरी स्कूलों में करेगी। इससे आंगनबाड़ी की गतिविधियों में सुधार होगा और भवनों की कमी से जूझ रहे केंद्रों को सरकारी छत भी उपलब्ध होगी।

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सरकार इस योजना का खाका तैयार कर रही है। बीते साल से प्रदेश में 3391 प्राइमरी स्कूलों में प्री प्राइमरी कक्षाएं चल रही हैं। अब इन्हीं स्कूलों में आंगनबाड़ी केंद्रों का विलय होना है। 
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शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में भारद्वाज ने कहा कि हिमाचल का जनरल एनरोलमेंट रेशो (जीईआर) अन्य राज्यों की तुलना में अच्छा है। लेकिन शिक्षा का स्तर नीचे जा रहा है। इसीलिए सरकार ने प्री प्राइमरी कक्षाएं शुरू की हैं।
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उन्होंने कहा कि वीरभद्र सरकार ने स्कूल और कॉलेज रेवड़ियों की तरह बांटे थे जिससे शिक्षा का स्तर गिर गया। अगर अति आवश्यक न हुआ तो भाजपा सरकार अब कोई भी नया स्कूल और कॉलेज नहीं खोलेगी। 

हिमालयी राज्यों के लिए मांगेंगे अलग शिक्षा नीति

भारद्वाज ने कहा कि कक्षाओं में पढ़ाई बाधित न हो इसके लिए अध्यापकों की रिटायरमेंट के लिए एक ही महीना और दिन तय किया जाएगा। बीच सत्र में कोई भी शिक्षक रिटायर नहीं होगा। किसी भी अध्यापक की रिटायरमेंट नहीं होगी। 

भारद्वाज ने कहा कि उत्तर भारत के हिमालयी राज्यों की समस्याएं लगभग एक जैसी हैं। ऐसे में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में हिमालयी राज्यों के लिए अलग प्रावधान करने की मांग उठाई जाएगी।

इसके लिए हिमालयी राज्य हिमाचल, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड के शिक्षा मंत्रियों और शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों का एक सम्मेलन किया जाएगा। सम्मेलन में हिमालयी राज्यों के लिए शिक्षा नीति में इन राज्यों की भौगोलिक दृष्टि के अनुसार बदलाव की मांग की जाएगी। 

अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में पढ़ाने को बाध्य नहीं शिक्षक

 शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि सरकारी स्कूलों का कोई भी अध्यापक अपने बच्चे को सरकारी स्कूल में ही पढ़ाने के लिए बाध्य नहीं है। लोकतंत्र में सभी को आजादी है।

भारद्वाज ने कहा कि सरकारी स्कूलों में कितने सरकारी शिक्षक अपने बच्चों को पढ़ा रहे हैं, इसका आंकड़ा उनके विभाग के पास नहीं है। शिक्षा विभाग की तबादला नीति पर भारद्वाज ने साफ किया कि इसमें हिमाचल किसी भी दूसरे प्रदेश के मॉडल को कॉपी नहीं करेगा। 

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