हाईकमान में विरोधी गुट के नेताओं की धाक, वीरभद्र खेमे को झटका
कांग्रेस वर्किंग कमेटी (सीडब्ल्यूसी) में विरोधी नेताओं की धाक बढ़ने से वीरभद्र गुट के नेताओं को झटका लगा है। कांग्रेस हाईकमान के तमाम प्रमुख फैसले यही कमेटी लेती है।
इसमें आनंद शर्मा स्थायी सदस्य नियुक्त किए गए हैं, जबकि आशा कुमारी स्थायी आमंत्रित सदस्य बनाई गई हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा हिमाचल से ही राज्यसभा के सदस्य हैं। वह सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खास करीबियों में से एक हैं।
वह कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू के भी खास हिमायती माने जाते हैं। वीरभद्र खेमे के नेता आनंद शर्मा के केंद्र में बढ़े रुतबे से इसलिए भी परेशान हैं। आनंद शर्मा 23 प्रमुख सीडब्ल्यूसी सदस्यों में शामिल हुए हैं। आशा कुमारी को भी 18 स्थायी आमंत्रित सदस्यों में शुमार किया गया है।
दोनों ही नियुक्तियां वीरभद्र समर्थकों के लिए झटके की तरह
इन्हीं में हिमाचल की कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल भी हैं। आशा कुमारी को भी वीरभद्र के विरोधी नेताओं में गिना जाता रहा है। हालांकि, यह अलग बात है कि उन्होंने अनेक बार वीरभद्र से अपने सियासी संबंध सामान्य बनाने के भी खासे प्रयास किए।
इसके बावजूद वीरभद्र सरकार में खुद पर चलाए गए एक मामले से वह आहत भी बताई जा रही हैं। ऐसे में उनको तवज्जो देने से भी वीरभद्र समर्थक परेशानी में हैं।
सीडब्ल्यूसी संगठन की नियुक्तियों से लेकर लोकसभा और विधानसभा चुनाव के टिकटों को तय करने में भी अहम भूमिका निभाती है। ऐसी स्थिति में लोकसभा चुनाव से पहले यह दोनों ही नियुक्तियां वीरभद्र समर्थकों के लिए झटके की तरह हैं।