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Himachal: राजनीतिक गहमागहमी के बीच तीन निर्दलीय विधायकों ने सौंपे इस्तीफे, विस अध्यक्ष ने अभी नहीं किए मंजूर

Fri, 22 Mar 2024 07:00 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Fri, 22 Mar 2024 07:00 PM IST
सार

शुक्रवार को नई दिल्ली से विशेष विमान से शिमला पहुंचकर तीनों ने पहले विधानसभा सचिव को इस्तीफे सौंपे। इसके बाद राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला से राजभवन में मुलाकात कर इसकी जानकारी उन्हें दी। 

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Amidst the political turmoil, three independent MLAs reached the assembly and resigned.
केएल ठाकुर,आशीष शर्मा व होशियार सिंह। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राज्यसभा चुनाव में भाजपा के पक्ष में मतदान करने वाले तीन निर्दलीय विधायकों आशीष शर्मा, होशियार सिंह और केएल ठाकुर ने विधायक पद से इस्तीफे सौंप दिए। शुक्रवार को नई दिल्ली से विशेष विमान से शिमला पहुंचकर तीनों ने पहले विधानसभा सचिव को इस्तीफे सौंपे। इसके बाद राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला से राजभवन में मुलाकात कर इसकी जानकारी उन्हें दी। राजभवन से लौटकर तीनों ने विधानसभा अध्यक्ष को भी इस्तीफे सौंप दिए। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और अन्य भाजपा नेता इनके साथ रहे।

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तीनों निर्दलीय विधायकों ने बताया कि वे भाजपा के टिकट पर विधानसभा उपचुनाव लड़ेंगे। इससे पहले कांग्रेस के छह बागी विधायकों के अयोग्य घोषित होने के चलते उन सीटों पर चुनाव आयोग ने उपचुनाव की घोषणा की है। इस बारे में विधानसभा सचिव यशपाल शर्मा ने बताया कि तीनों निर्दलीय विधायकों ने इस्तीफे दिए हैं, लेकिन इनके इस्तीफे अभी विधानसभा अध्यक्ष के पास विचाराधीन हैं। विधानसभा अध्यक्ष इन्हें स्वीकार कर इसकी जानकारी चुनाव आयोग को देंगे, तभी चुनाव आयोग इन तीनों सीटों पर भी उपचुनाव की घोषणा करेंगे। तीनों निर्दलीय विधायक जयराम ठाकुर के साथ विशेष विमान से ही दिल्ली वापस चले गए।
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अभी तक इस्तीफे स्वीकार नहीं किए: विधानसभा अध्यक्ष
हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि तीन निर्दलीय विधायकों के इस्तीफे स्वीकार नहीं किए हैं। हमें उनके इस्तीफे मिल गए हैं लेकिन हम इसके लिए नियमों और सांविधानिक प्रावधानों की जांच कर रहे हैं, अभी तक हमने उनके इस्तीफे स्वीकार नहीं किए हैं।उधर, तीनों निर्दलीय विधायकों के त्यागपत्र से राज्य की राजनीतिक में फिर से नए समीकरण बनने के आसार हैं। इनके इस्तीफे से खाली विधानसभा सीटों पर भी चुनाव होंगे। अब कुल नौ विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव होना तय है। अयोग्य घोषित कांग्रेस के छह बागियों की सीटों पर उपचुनाव का शेड्यूल पहले ही जारी हो चुका है। 

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भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे
हम भाजपा में शामिल होंगे और भाजपा के टिकट पर उपचुनाव लड़ेंगे। राज्यसभा चुनाव में हमने भाजपा प्रत्याशी हर्ष महाजन के पक्ष में वोट किया, जिसके बाद से हमें प्रताड़ित किया गया। झूठे आरोप लगाकर केस बनाए। लोकतंत्र में बदले की भावना से काम नहीं किया जा सकता। हम इस सरकार के साथ नहीं चल सकते। इसलिए इस्तीफा दिया है। - होशियार सिंह, विधायक देहरा

 

ओछी राजनीति कर रहे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ओछी राजनीति कर रहे हैं। हम पर और हमारे परिवार वालों पर झूठी एफआईआर करवाई जा रही हैं। प्रदेश में विकास रुका हुआ है। मुख्यमंत्री के गृह जिले से हूं, फिर भी पिछले 14 महीने से कोई काम नहीं हुआ। बिना किसी स्वार्थ के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ आगे बढ़ने का फैसला लिया है। हम भाजपा से उपचुनाव लड़ेंगे। - आशीष शर्मा, विधायक हमीरपुर

 

सरकार ने केस दर्ज करवाकर कारोबार बंद करवाया
हमारे खिलाफ झूठे केस दर्ज करवाकर कारोबार बंद करवा दिए। 14 माह से नालागढ़ विकास को तरस रहा है। हमने नालागढ़ की जनता के हित में इस्तीफा देने का फैसला लिया है। हमारी विचारधारा भाजपा की थी, पिछली बार टिकट नहीं मिला, इसलिए निर्दलीय चुनाव लड़ा। मोदी, शाह और नड्डा पर पूरा विश्वास है, जनता हमें फिर जिताएगी। -केएल ठाकुर, विधायक नालागढ़

 

निर्दलीय विधायकों के इस्तीफे पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
कांग्रेस विधायक संजय रत्न और हरीश जनारथा ने तीन निर्दलीयों को विधायकी छोड़ने पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि निर्दलीयों को अपने चुनाव क्षेत्र की जनता को बताना होगा कि विधायकी छोड़ने के पीछे आखिर क्या मजबूरी रही है। क्यों जनता पर उप-चुनाव का बोझ थोपा जा रहा है। कहा कि जब विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और भाजपा के प्रत्याशियों को हराकर मतदाताओं ने उन्हें पूरे पांच वर्ष के लिए निर्दलीय विधायक बनाया था, तो ऐसे में उन्होंने सवा साल के भीतर ही किस दबाव में विधानसभा की सदस्यता छोड़ी है। क्यों वह अपने चुनाव क्षेत्र के मतदाताओं की भावनाओं का अपमान कर रहे है। उन्होंने कहा कि इन सवालों के जवाब तीनों निर्दलीय विधायकों को देने होंगे। निश्चित रूप से तीनों ने प्रदेश की जनता की भावना से खिलवाड़ किया है और उन्हें प्रदेश की जनता को जवाब देना होगा। इस पूरे प्रकरण में भाजपा का असली चेहरा भी प्रदेश की जनता के सामने आ रहा है।

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