लाहौल: भारी बर्फबारी के बीच हिमखंड हटाकर बचाई महिला मरीज की जान
सीएमओ डॉ. एमएल बंधु ने बताया कि केलांग अस्पताल में 38 वर्षीय महिला कर्मी शांति देवी पेट दर्द के कारण वीरवार से भर्ती थीं। महिला को उपचार के लिए कुल्लू रेफर किया था, लेकिन हिमखंड गिरने के कारण एंबुलेंस का कुल्लू पहुंचना आसान नहीं था। जिला प्रशासन के आग्रह पर बीआरओ ने बर्फ हटाकर एंबुलेंस का रास्ता साफ किया।
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सीमा सड़क संगठन ने भारी बर्फबारी के बीच मूलिंग पुल के पास गिरे हिमखंड को हटाकर महिला मरीज की जान बचाकर मिसाल पेश की है। बचाव अभियान में एंबुलेंस टीम की भी सराहनीय भूमिका रही। केलांग अस्पताल में गुरुवार से एक महिला मरीज पेट दर्द से तड़प रही थी। मेडिकल जांच के बाद डॉक्टर ने मरीज को कुल्लू रेफर किया। तांदी में मूलिंग पुल के समीप हिमखंड गिरने से एंबुलेंस कुल्लू नहीं पहुंच सकी। केलांग अस्पताल में तैनात एमडी ने प्रारंभिक जांच में महिला मरीज को पत्थरी होने की आशंका जताई है। इसके बाद उपचार के लिए कुल्लू रेफर किया। जिला प्रशासन के आग्रह पर सीमा सड़क संगठन ने मूलिंग पुल के समीप गिरे हिमखंड को हटा दिया। सिस्सू से अटल टनल रोहतांग के नॉर्थ पोर्टल तक बर्फीली हवाओं के कारण सड़क पर बर्फ का ढेर लग गया। ऐसे हालात में एंबुलेंस का चलना संभव नहीं था।
बीआरओ 38 बीआरटीएफ के कमांडर कर्नल शबरीश वाचली के निर्देश पर टीम साउथ पोर्टल से मशीनों को लेकर नॉर्थ पोर्टल से तेलिंग नाला तक पहुंची। बर्फीले तूफान के बीच सड़क से बर्फ हटाकर एंबुलेंस का रास्ता साफ किया। सीएमओ डॉ. एमएल बंधु ने बताया कि केलांग अस्पताल में 38 वर्षीय महिला कर्मी शांति देवी पेट दर्द के कारण वीरवार से भर्ती थीं। महिला को उपचार के लिए कुल्लू रेफर किया था, लेकिन हिमखंड गिरने के कारण एंबुलेंस का कुल्लू पहुंचना आसान नहीं था। जिला प्रशासन के आग्रह पर बीआरओ ने बर्फ हटाकर एंबुलेंस का रास्ता साफ किया। एंबुलेंस चालक गोपाल और ईएमटी लक्ष्मी चंद ने मरीज को कुल्लू पहुंचाया। चालक ने बताया कि बर्फबारी के बीच केलांग से मनाली तक 71 किमी सफर के लिए करीब तीन घंटे का समय लगा।