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घुमंतू परिवारों को भी मिल सकेगा सस्ता राशन
प्रवीण कुमार/अमर उजाला, हमीरपुर
Updated Sat, 13 Feb 2016 10:50 PM IST
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राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 के तहत लाभान्वित होने वाले परिवारों का दायरा बढ़ गया है। विमुक्त, घुमंतू और अर्ध घुमंतू जनजातीय आयोग ने डीएनटी समुदाय के परिवारों को भी इसमें शामिल करने की सिफारिश की है। इस वर्ग से संबंध रखने वाले जनजातीय परिवारों के सदस्यों को भी अब सरकारी उचित मूल्य की दुकानों पर सस्ता राशन मिलेगा।
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पात्र परिवारों को तीन रुपये किलो चावल और दो रुपये प्रति किलोग्राम गेहूं प्रति सदस्य मिलेगी। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 (एनएफएसए) के अंडर सचिव कोशिक चौधरी ने देश के सभी राज्यों और संघ शासित प्रदेशों के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग को इस बारे में लिखित में पत्र जारी कर दिए हैं।
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आयोग की सिफारिश में इन जनजातियों को बीपीएल, राशन और मतदाता पहचान पत्र उपलब्ध करवाना भी अनिवार्य किया गया है। एनएफएसए में देश की दो तिहाई आबादी को अति रियायती दरों पर खाद्यान उपलब्ध करवाने का प्रावधान है।
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अखिल भारतीय स्तर पर दो तिहाई आबादी की कवरेज के लिए राज्य और संघ राज्य क्षेत्र में कवरेज भी निर्धारित कर दिए गए हैं। निर्धारित कवरेज के अंदर पात्र गृहस्थियों की पहचान की जिम्मेवारी राज्य और संघ राज्य क्षेत्रों की है।
अधिनियम की धारा 30 में यह भी प्रावधान है कि केंद्र सरकार और राज्य सरकारें इस अधिनियम के उपबंधों और विनिदृष्ट हकदारियों की पूर्ति के लिए स्कीमों का क्रायान्वयन करते समय कमजोर समूहों का ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं।
विशेष रूप से दूरस्थ क्षेत्रों और ऐसे अन्य क्षेत्रों जहां पहुंचना कठिन है और ऐसे परिवार जो पहाड़ी और जनजातीय क्षेत्र में रहते हैं। खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उनकी आवश्यकताओं पर ध्यान देना जरूरी किया गया है। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग से इस दिशा में की गई कार्रवाई की जानकारी भी आयोग ने मांगी है।
निदेशक खाद्य एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने आयोग से पत्र मिलने के बाद निदेशक अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक विभाग और प्रदेश के सभी जिला खाद्य नियंत्रकों से इस बारे में आंकड़े उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं।
इन समुदायों को किया एनएफएसए में शामिल- गाड़िया लोहार, बंजारा, बावरिया, रामदासिया, रविदासी, रैदासी, चुहड़ा, कंजर या गैरा, मलाहा, नट (राणा और बादी), पासी, सांसी या भेडकुट, बाजीगर, मदारी, सपेरा, सिकलीगर, बल्डीयाज, आरधीश, डोमाबारिश आदि जातियों को एनएफएसए में शामिल करने के निर्देश दिए हैं।
एनएफएसए के सचिव ने खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग को पत्र लिखकर कुछ विशेष जातियों को इसमें शामिल करने के निर्देश दिए हैं। इस बारे में निदेशक से पत्र मिला है, शीघ्र आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। -जेसी वर्मा, जिला खाद्य नियंत्रक, खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले हमीरपुर