अपराजिता: आपात समय के लिए आत्मरक्षा के गुर सीखें छात्राएं
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आउटर सिराज के आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल आनी में मंगलवार को अमर उजाला अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिवक्ता एवं बार एसोसिएशन अध्यक्ष स्वतंत्र कुमार शर्मा और प्रधानाचार्य डॉ. अमर चौहान ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की।
वरिष्ठ अधिवक्ता स्वतंत्र कुमार ने उपस्थित छात्राओं और महिलाओं को कानून की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए कानून में कई तरह के प्रावधान हैं। अगर उनकी शिकायत समय पर दर्ज न हो रही हो तो वह कैसे अन्य जगह से सहायता ले सकती हैं।
स्वतंत्र कुमार ने कहा कि महिलाओं को अपने साथ हो रहे अपराध के प्रति अपनी आवाज अवश्य उठानी चाहिए। आपातकाल स्थिति हो जाने पर उन्हें आत्मरक्षा के गुर भी अवश्य सीखने चाहिए।
महिलाओं के लिए शक्ति ऐप सहित कई सुविधाएं उपलब्ध है, जिनका वे मुसीबत पर इस्तेमाल कर अपनी सहायता कर सकती हैं। वहीं विद्यालय प्रधानाचार्य डॉ. अमर चौहान ने बताया कि नारी आज के दौर में हर क्षेत्र में आगे है।
विद्यालय में छात्राओं की सुरक्षा के लिए भी कमेटी का गठन किया है। अगर छात्राओं के साथ कोई अत्याचार हो रहा है तो वह तुरंत प्रधानाचार्य को या कमेटी को सूचित करें। कार्यक्रम के संचालक प्रवक्ता श्यामानंद ने कहा कि महिलाएं अपने आपको किसी से कम न समझें।
इस दौरान भाषण प्रतियोगिता भी करवाई गई। विद्यालय की छात्राओं द्वारा देश गान भी प्रस्तुत किया गया। भाषण प्रतियोगिता में खुशबू प्रथम, अंजलि द्वितीय और शालिनी तृतीय स्थान पर रहीं। प्रधानाचार्य ने छात्राओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
इस मौके पर राजेश जिष्टू, श्यामानंद, सीमा देवी, वेद, प्रिया जमवाल, तिलका देवी, आशा देवी, बबीता देवी, नीलचंद, चमन शर्मा और प्रदीप ठाकुर आदि मौजूद रहे। छात्रा खुशबू का कहना है कि महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं।
समय-समय पर उन्हें कई तरह के कार्यक्रमों से जागरूक किया जा रहा है। अमर उजाला की मुहिम महिलाओं के लिए मील का पत्थर साबित होगी। छात्रा अंजलि का कहना है कि आज महिलाओं को कानून में बहुत सारे हक प्राप्त हैं, लेकिन उन्हें इस बारे और अधिक जागरूक होने की आवश्यकता है।
घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, बाल विवाह और महिला सशक्तीकरण आदि विषयों की उन्हें पूर्ण जानकारी होनी चाहिए। छात्रा शालिनी ने आग्रह किया है कि ऐसे कार्यक्रम ग्रामीण पर आयोजित किए जाएं, जिससे ग्रामीण महिलाओं को इसके माध्यम से अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति और अधिक जानकारी मिल सके।