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Shimla News: दो फ्लैटों के सौदे में 1.70 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप
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पुलिस ने विक्रेता समेत बैंक के एक अधिकारी के खिलाफ दर्ज की एफआईआर, सौदे के बाद एक ही फ्लैट बनाया, कब्जा अभी तक नहीं मिला
बैंक ने विक्रेता को जारी कर दी दोनों फ्लैटों की ऋण राशि
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी शिमला में 1.70 करोड़ रुपये के दो फ्लैट खरीदने के मामले में धोखाधड़ी के आरोप लगे हैं। चंडीगढ़ स्थित पीजीआईएमईआर में तैनात सीनियर नर्सिंग ऑफिसर रीता सिंह की शिकायत पर पुलिस ने विक्रेता और एसबीआई के अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात तथा षड्यंत्र की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।
शिकायतकर्ता के अनुसार उन्होंने और उनके पति ने 13 जनवरी 2022 को मोहाल सांगटी संजौली में दो अलग-अलग फ्लैट खरीदने के लिए सेल डीड करवाई थी। प्रत्येक फ्लैट की कीमत 85 लाख रुपये थी। दोनों ने इसके लिए एसबीआई की शाखा से अलग-अलग गृह ऋण लिया। शिकायतकर्ता के मुताबिक दोनों ऋण खातों की ईएमआई करीब 82,000 रुपये प्रतिमाह है। शिकायत में आरोप लगाया है कि वर्ष 2023 में जब उन्होंने मौके पर जाकर जांच की तो पता चला कि सेल डीड में बताए गए दो फ्लैटों के बजाय केवल एक फ्लैट का ही निर्माण किया था। इसके बावजूद बैंक अधिकारियों ने कथित तौर पर दोनों फ्लैटों की पूरी ऋण राशि विक्रेता को जारी कर दी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि बैंक की ओर से प्रभावी भौतिक निरीक्षण नहीं किया।
उन्होंने बैंक अधिकारियों पर विक्रेता के साथ मिलीभगत का आरोप लगाते हुए निरीक्षण, वैल्यूएशन और ऋण राशि जारी करने से संबंधित दस्तावेजों की जांच की मांग की है। शिकायत के अनुसार फ्लैटों का प्रभावी कब्जा भी उन्हें और उनके पति को नहीं मिला है और वह लगातार बैंक की ईएमआई चुका रहे हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार विक्रेता के खिलाफ अन्य मामले भी दर्ज हैं और उसे एक मामले में भगोड़ा घोषित किया जा चुका है। शिकायतकर्ता ने पुलिस से पूरे मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
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संजौली थाना में दर्ज हुआ है मामला
पुलिस ने शिकायत के आधार पर थाना संजौली में महिला विक्रेता और उसके पति तथा बैंक के एक अधिकारी के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 406 और 120बी के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि आरोपों की सत्यता का पता जांच पूरी होने के बाद ही चलेगा। पुलिस ने मामले से संबंधित दस्तावेजों को कब्जे में लेने के साथ ही आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। एएसपी शिमला मेहर पंवार ने बताया कि दंपती की शिकायत पर धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। दस्तावेजों की जांच और अन्य पहलुओं की गहनता से पड़ताल की जा रही है।
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बैंक ने विक्रेता को जारी कर दी दोनों फ्लैटों की ऋण राशि
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी शिमला में 1.70 करोड़ रुपये के दो फ्लैट खरीदने के मामले में धोखाधड़ी के आरोप लगे हैं। चंडीगढ़ स्थित पीजीआईएमईआर में तैनात सीनियर नर्सिंग ऑफिसर रीता सिंह की शिकायत पर पुलिस ने विक्रेता और एसबीआई के अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात तथा षड्यंत्र की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।
शिकायतकर्ता के अनुसार उन्होंने और उनके पति ने 13 जनवरी 2022 को मोहाल सांगटी संजौली में दो अलग-अलग फ्लैट खरीदने के लिए सेल डीड करवाई थी। प्रत्येक फ्लैट की कीमत 85 लाख रुपये थी। दोनों ने इसके लिए एसबीआई की शाखा से अलग-अलग गृह ऋण लिया। शिकायतकर्ता के मुताबिक दोनों ऋण खातों की ईएमआई करीब 82,000 रुपये प्रतिमाह है। शिकायत में आरोप लगाया है कि वर्ष 2023 में जब उन्होंने मौके पर जाकर जांच की तो पता चला कि सेल डीड में बताए गए दो फ्लैटों के बजाय केवल एक फ्लैट का ही निर्माण किया था। इसके बावजूद बैंक अधिकारियों ने कथित तौर पर दोनों फ्लैटों की पूरी ऋण राशि विक्रेता को जारी कर दी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि बैंक की ओर से प्रभावी भौतिक निरीक्षण नहीं किया।
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उन्होंने बैंक अधिकारियों पर विक्रेता के साथ मिलीभगत का आरोप लगाते हुए निरीक्षण, वैल्यूएशन और ऋण राशि जारी करने से संबंधित दस्तावेजों की जांच की मांग की है। शिकायत के अनुसार फ्लैटों का प्रभावी कब्जा भी उन्हें और उनके पति को नहीं मिला है और वह लगातार बैंक की ईएमआई चुका रहे हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार विक्रेता के खिलाफ अन्य मामले भी दर्ज हैं और उसे एक मामले में भगोड़ा घोषित किया जा चुका है। शिकायतकर्ता ने पुलिस से पूरे मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
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संजौली थाना में दर्ज हुआ है मामला
पुलिस ने शिकायत के आधार पर थाना संजौली में महिला विक्रेता और उसके पति तथा बैंक के एक अधिकारी के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 406 और 120बी के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि आरोपों की सत्यता का पता जांच पूरी होने के बाद ही चलेगा। पुलिस ने मामले से संबंधित दस्तावेजों को कब्जे में लेने के साथ ही आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। एएसपी शिमला मेहर पंवार ने बताया कि दंपती की शिकायत पर धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। दस्तावेजों की जांच और अन्य पहलुओं की गहनता से पड़ताल की जा रही है।