फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Allegation of social discrimination on the grounds of a perceived flaw.

Shimla News: दोष के नाम पर सामाजिक भेदभाव का आरोप, राजेश गाज्टा ने उठाए सवाल

Fri, 09 Oct 2026 11:25 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 09 Oct 2026 11:25 PM IST
विज्ञापन
Allegation of social discrimination on the grounds of a perceived flaw.
ठियोग (रामपुर बुशहर)। लोक जन वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष एवं सामाजिक कार्यकर्ता राजेश गाज्टा ने हिमाचल प्रदेश में दोष के नाम पर कथित सामाजिक भेदभाव और छुआछूत को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि धार्मिक मान्यताओं और पारंपरिक रीति-रिवाजों की आड़ में समाज के कुछ वर्गों के साथ भेदभाव किया जा रहा है, जो सामाजिक समानता और मानवीय गरिमा के खिलाफ है। गाज्टा ने बयान में कहा कि आजादी के करीब आठ दशक बाद भी जाति के आधार पर भेदभाव होना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रसारित उन वीडियो का हवाला दिया, जिनमें कथित तौर पर कुछ लोग दलित परिवारों के घर भोजन करते दिखाई दिए। उनके अनुसार, इसके बाद संबंधित लोगों और उनके रिश्तेदारों को सामाजिक बहिष्कार का सामना करना पड़ा। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब संविधान सभी नागरिकों को समानता और सम्मान का अधिकार देता है, तो खानपान और आपसी मेलजोल को जातिगत भेदभाव का आधार कैसे बनाया जा सकता है? उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था के नाम पर किसी की गरिमा को ठेस पहुंचाना या सामाजिक रूप से प्रताड़ित करना उचित नहीं है। गाज्टा ने राजनीतिक नेतृत्व और प्रशासन की चुप्पी पर चिंता जताते हुए सामाजिक भेदभाव रोकने के लिए जागरूकता, संवाद और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि छुआछूत और सामाजिक बहिष्कार जैसी प्रवृत्तियों को समाप्त करने के लिए समाज, जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को मिलकर प्रयास करने होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article