मंत्री पर पैसों के लेनदेन का आरोप, कांग्रेस ने चुनाव आयोग से की शिकायत
कांग्रेस ने स्वास्थ्य मंत्री एवं भाजपा के धर्मशाला उपचुनाव प्रभारी विपिन परमार पर सरकारी सर्किट हाउस धर्मशाला में बैठकों के दौरान पैसे बांटकर उपचुनाव को प्रभावित करने का आरोप लगाकर खूब हंगामा किया। कांग्रेस ने मंगलवार को इस संबंध में चुनाव आयोग को शिकायत कर दी। शिकायत के साथ कांग्रेस ने सर्किट हाउस से मंत्री के अपनी गाड़ी में बैठकर बाहर निकलने और हंगामे का वीडियो भी वायरल कर दिया है।
चुनाव आयोग को वीडियो के साथ भेजी शिकायत में कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि भाजपा के धर्मशाला उपचुनाव प्रभारी विपिन परमार सोमवार शाम को सर्किट हाउस में लोगों को पैसे बांट रहे थे। जबकि, उनका पीएसओ गेट के बाहर खड़े होकर नजर रख रहा था। जैसे ही कांग्रेस को पता लगा कि सरकारी संपत्ति सर्किट हाउस में स्वास्थ्य मंत्री पैसों की बंदरबांट कर रहे हैं तो हम स्पॉट पर पहुंच गए।
हमारे पहुंचने पर स्वास्थ्य मंत्री और आरएसएस के पदाधिकारी सर्किट हाउस अपनी अपनी गाड़ियों में भागने लगे। हमने पूरे घटनाक्रम की वीडियोग्राफी की है। सर्किट हाउस सरकारी संपत्ति है। ऐसे में मंत्री, भाजपा पदाधिकारी, संघ प्रचारक सर्किट हाउस में बैठकें कैसे कर सकते हैं। उनके लिए सरकारी कमरे कैसे बुक हो गए। भाजपा लगातार आचार संहिता का उल्लंघन कर रही है। सर्किट हाउस में उपचुनाव के पर्यवेक्षक भी भी ठहरे हैं। उनकी मौजूदगी में आचार संहिता का उल्लंघन कैसे हो रहा है। चुनाव आयोग स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार को उपचुनाव में प्रचार करने से बाहर करे।
सर्किट हाउस में चाय पीने गया था : परमार
डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी राकेश प्रजापति ने कहा कि कांग्रेस ने स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ चुनाव आयोग को शिकायत भेजी है। मामले की जांच के लिए तहसीलदार धर्मशाला को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।
स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार ने कहा कि सर्किट हाउस धर्मशाला में वह चायपान करने गए थे। वह कमरे में ठहरे नहीं थे। क्या मंत्री सर्किट हाउस में चाय पीने नहीं जा सकता। अगर मैने सर्किट हाउस में कोई बैठक की हैं या पैसे बांटे हैं तो कांग्रेस इसका प्रमाण दे नहीं तो सार्वजनिक रूप से माफी मांगे।
हार सामने देख नेतृत्वविहीन कांग्रेस बौखला गई है। इस वजह से वह आधारहीन आरोप लगा रही है। सर्किट हाउस में नारेबाजी कर कांग्रेस ने आचार संहिता का उल्लंघन किया है। चुनाव आयोग को हमने इसकी शिकायत कर दी है।