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जेबीटी भर्ती में टेट की छूट मांगने वाली याचिकाएं खारिज

Wed, 29 Aug 2018 10:48 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Updated Wed, 29 Aug 2018 10:48 AM IST
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all Petitions rejected regarding TET relaxation in JBT recruitment

 हिमाचल हाईकोर्ट ने जेबीटी अध्यापकों की भर्ती के लिए टेट की छूट मांगने वाली सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया है। न्यायाधीश धर्म चंद चौधरी और न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर की खंडपीठ ने सरकार की अपील को स्वीकार करते हुए कहा कि अध्यापकों की भर्ती के लिए बनाए गए नियमों में टेट की अनिवार्यता शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत सही है। यह भर्तियां इन्हीं नियमों के तहत की जानी चाहिए।

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इन मामलों में प्रतिवादी बनाए गए प्रार्थियों के अनुसार उन्होंने कुल्लू के राजेश्वरी टीचर्स ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में वर्ष 2002 व 2003 में दो वर्षीय जेबीटी प्रशिक्षण के लिए दाखिला लिया था। उनका कोर्स 2005 में पूरा हो गया था लेकिन अंतिम परीक्षाएं विभिन्न कारणों से समय पर नहीं हो पाईं। उन्हें अपनी अंतिम परीक्षाएं 2008 वर्ष के बैच के साथ देने का मौका दिया गया। सितंबर 2011 के बाद उन्होंने यह परीक्षाएं उत्तीर्ण कीं।

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यहां जानिए पूरा मामला

all Petitions rejected regarding TET relaxation in JBT recruitment

23 अगस्त 2012 को सरकार ने जेबीटी पदों के लिए टेट को अनिवार्य बना दिया और 12 सितंबर 2012 को 1300 से अधिक पदों को भरने का निर्णय लिया। प्रार्थियों का कहना था कि वे 2002 व 2003 बैच के प्रशिक्षित हैं और वर्ष 2010-11 में उनकी केवल अंतिम परीक्षा ली गई।

अंतिम परीक्षा का आयोजन उनके हाथ में नहीं था, जिस कारण उन्होंने खुद को 2002 व 2003 के बैच में जेबीटी ठहराए जाने की मांग की थी। प्रार्थियों ने उनके लिए जेबीटी भर्तियों में टेट की अनिवार्यता में छूट की मांग भी की थी।

कोर्ट ने शिक्षा के अधिकार अधिनियम के प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए इन भर्तियों के लिए टेट की अनिवार्यता को जायज ठहराया। उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने सरकार को आदेश

दिए थे कि वह प्रार्थियों की मांग कानून के अंतर्गत कंसीडर करे। सरकार ने इन आदेशों को अपील के माध्यम से खंडपीठ के समक्ष चुनौती दी थी, जिसे स्वीकारते हुए कोर्ट ने यह आदेश पारित किए। 

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