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अखिल भारतीय किसान सभा: 'ट्रंप से ऐसा समझौता न हो जिससे संकट में पड़े कृषि-बागवानी'
Sat, 28 Jun 2025 01:43 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Sat, 28 Jun 2025 01:43 PM IST
सार
अमेरिकी राष्ट्रपति की ओर से घोषित पारस्परिक टैरिफ 9 जुलाई से लागू होना है और डोनाल्ड ट्रंप सार्वजनिक मंचों पर ऐलान कर चुके हैं कि अमेरिकी उत्पादों के लिए भारत शून्य टैरिफ लागू करने को तैयार हो गया है।
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हिमाचल सेब ।
- फोटो : संवाद
विस्तार
अखिल भारतीय किसान सभा ने सरकार से मांग उठाई है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से कोई ऐसा समझौता न किया जाए जिससे कृषि और बागवानी संकट में पड़ जाए। अमेरिकी राष्ट्रपति की ओर से घोषित पारस्परिक टैरिफ 9 जुलाई से लागू होना है और डोनाल्ड ट्रंप सार्वजनिक मंचों पर ऐलान कर चुके हैं कि अमेरिकी उत्पादों के लिए भारत शून्य टैरिफ लागू करने को तैयार हो गया है।
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किसान सभा का मानना है कि यदि अमेरिकी सेब सहित कृषि एवं बागवानी उत्पादों पर आयात शुल्क घटाया गया तो हिमाचल, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड के बागवानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। किसान सभा ने प्रधानमंत्री मोदी से मांग की है कि ऐसे किसी भी व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर न करें जो कृषि उद्योग को नुकसान पहुंचाए और राष्ट्रीय हितों के खिलाफ हो।
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हिमाचल किसान सभा के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. कुलदीप सिंह तंवर का कहना है कि देश के किसान इस मुद्दे पर बड़े संघर्ष के लिए तैयार हैं। 9 जुलाई को मजदूर वर्ग ने अखिल भारतीय आम हड़ताल का आह्वान किया है, किसान और बागवान भी कृषि विरोधी नीतियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन करेंगे। भारत से अमेरिका को कृषि उत्पादों के निर्यात पर वर्तमान में 5.3 प्रतिशत शुल्क लगता है, जबकि अमेरिका से भारत को कृषि उत्पादों के निर्यात पर 37.7 प्रतिशत शुल्क लगता है।
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