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मंडी के बाद अब इन गांवों के बहने का खतरा

Sat, 14 Jun 2014 04:11 PM IST
Updated Sat, 14 Jun 2014 04:11 PM IST
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alert : Landslide along Sutlej river causes water blockage

जिला मुख्यालय से 25 किलोमीटर दूर उरनी ढांक से वीरवार रात को फिर भारी भू स्खलन हुआ है। इससे सतलुज नदी में आधा किलोमीटर तक झील बन गई है। पानी की निकासी बहुत कम हो रही है।

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अगर जल्द ही मलबा न हटाया गया तो निचले क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात बन सकते हैं। इस आशंका को देखते हुए प्रशासन ने एक बार फिर किन्नौर से लेकर बिलासपुर तक अलर्ट घोषित करते हुए कहा है कि निचले इलाके खतरे में हैं।
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नेशनल हाईवे पिछले चार दिन से ठप है। पहाड़ी दरकने से उरनी के पास लगातार भू स्खलन हो रहा है।

डीसी ने भेजी रिपोर्ट, निचला इलाका खतरे में

alert : Landslide along Sutlej river causes water blockage

10 जून को भी भू स्खलन के कारण सतलुज नदी पर झील बन गई थी। इसे बाद में ब्लास्टिंग कर तोड़ा गया था। लेकिन वीरवार रात को फिर से भू स्खलन के कारण सतलुज का पानी रुक गया है।

उपायुक्त किन्नौर डीडी शर्मा ने बताया कि पहाड़ी से फिर मलबा और चट्टानें नदी में गिरने में अस्थायी झील का स्तर बढ़ गया है। अस्थायी झील से करीब 20 फीसदी पानी का रिसाव होना शुरू हो गया है।

उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से अलर्ट जारी कर दिया गया है। नदी के आस-पास सायरन भी बजाए जा रहे हैं।

भू स्खलन की जद में आए क्षेत्र

alert : Landslide along Sutlej river causes water blockage

भू स्खलन से जहां क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक सेब के बागीचों को खतरा बना हुआ है। वहीं आईटीआई भवन, स्कूल, पीएसची और लोगों की लगभग दो दर्जन दोघरियां और सेना की बैरकों को इससे खतरा बना हुआ है।

सतलुज किनारे न जाएं लोग : एसडीएम

सतलुज में जल स्तर बढ़ने की आशंका के चलते एसडीएम आनी नीरज गुप्ता ने सतलुज किनारे बसने वाले लोगों, बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों सहित अन्य लोगों को सतलुज के किनारे न जाने का अलर्ट जारी किया है। आनी उपमंडल के ब्रौ, जगातखाना से लेकर लूहरी, बैहना तक ये अलर्ट किया गया है।

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डीसी किन्नौर ने सरकार से मदद मांगी

alert : Landslide along Sutlej river causes water blockage

दरक रही उरनी ढांक से बने बाढ़ के खतरे को देखते हुए डीसी किन्नौर ने राज्य सरकार से अतिरिक्त मदद मांगी है। डीसी ने राज्य सरकार को भेजे पत्र में कहा है कि ये पूरी ढांक दरक रही है और एक साथ बड़ा भू-स्खलन होने का खतरा है। नेशनल हाइवे के खुलने की कोई संभावना नहीं दिखती।

यदि ऐसा हुआ तो सतलुज में बड़ी कृत्रिम झील बनकर नीचे के इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा कर सकती है। डीसी किन्नौर ने इस हालात से निपटने के लिए चोलिंग से टापरी वाया उरनी वैकल्पिक मार्ग को दुरुस्त करने और कड़छम से टापरी वाया किल्बा तक रोड बनाने की सिफारिश की है, जो सतलुज के लेफ्ट बैंक पर बनेगा।

हालांकि वर्तमान में एनएच को बाईपास करने के लिए इस रोक का इस्तेमाल वन-वे के रूप में हो रहा है। लेकिन मात्र ढाई किमी की दूरी तय करने को 18 किलोमीटर सफर करना पड़ रहा है।

क्यों दरका पहाड़, जांच को चाहिए रिसर्च टीम

alert : Landslide along Sutlej river causes water blockage

डीसी किन्नौर ने सरकार को लिखा है कि स्थानीय लोगों को लग रहा है कि पहाड़ी इसके नीचे बनी जंपी कंपनी के कड़छम वांगतू प्रोजेक्ट की टनल के कारण दरक रही है। लेकिन इसके कोई पुख्ता प्रमाण नहीं है।

इसलिए स्टेट जियोलॉजिस्ट, आईपीएच और पीडब्ल्यूडी की टीम भेजकर इसकी जांच करवाई जाए।

देखिए वीडियो

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