हिमाचल प्रदेश एक बार फिर भूकंप से थर्रा गया है। शनिवार को पौ फटने से पहले ही रामपुर और कुल्लू के क्षेत्रों में भूकंप के झटके आए। इन क्षेत्रों में सुबह से लेकर शाम तक चार बड़े झटकों के अतिरिक्त कई छोटे झटके भी महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र कुल्लू और रामपुर रहा। हालांकि, भूकंप के झटकों से जानी नुकसान की सूचना नहीं है लेकिन कई घरों, दफ्तरों में दरारें आ गई हैं। कई पेड़ और बिजली के पोल गिर गए।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक डॉ. मनमोहन सिंह के अनुसार सुबह 6.44 बजे रिकॉर्ड किए पहले झटके का केंद्र कुल्लू था। रिक्टर स्केल पर इस की तीव्रता 4.6 मापी गई। इसके बाद सुबह 7.05, 9.08 और दोपहर 12.37 बजे भी झटके महसूस किए गए। हालांकि, प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह रामपुर में सुबह 5.25 बजे पहला झटका लगा। इसके बाद शाम तक रामपुर क्षेत्र में एक के बाद एक चार बड़े और कई छोटे झटके महसूस किए गए।
जिला कुल्लू मुख्यालय के अलावा आनी, निरमंड, शिमला शहर और नारकंडा में भी भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। नारकंडा में खंड समिति कार्यालय के भवन में मोटी दरारें पड़ गई हैं। ज्यूरी में स्कूल की दीवार और रामपुर क्षेत्र में कई घरों में हल्की दरारें आई हैं।
भूकंप से लोगों में अफरा तफरी मच गई। सभी लोग घरों से बाहर निकल गए। रामपुर की सभी सड़कें लोगों से भर गई। रामपुर का एकमात्र पाटबंगला ग्राऊंड लोगों की भीड़ से भर गया वहीं पदम स्कूल का मैदान, चौधरी अड्डा, पदम पैलेस में सिर्फ लोग ही लोग दिखाई दे रहे थे। हर किसी के चेहरे पर भूंकप की दहशत साफ दिखाई दे रही थी। लोगों ने घरों से अपना जरूरत का सामान लिया और खुले में सड़कों के किनारे बैठ गए। इतना ही नहीं अस्पताल में दाखिल मरीज भी बाहर आ गए।
एसडीएम रामपुर निशांत शर्मा ने बताया कि प्रशासन ने बार बार आ रहे भूंकप को देखते हुए हाई अल्र्ट जारी कर दिया है। सभी स्कूल, कॉलेज, सरकारी संस्थान बंद कर दिए गए है। सभी विभागों से अपील की गई है कि वह पूरी तरह से सतर्क रहे।