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Sirmour: सिरमौर में घूम रहा आक्रामक हाथी, अब पड़दूनी पंचायत में उड़ाई नींद

Thu, 04 May 2023 10:16 AM IST
अरविन्द ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, नाहन/धौलाकुआं (सिरमौर)
संवाद न्यूज एजेंसी, नाहन/धौलाकुआं (सिरमौर) Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Thu, 04 May 2023 10:16 AM IST
सार

आरओ देवेंद्र सिंह ने बताया कि महिला पर हमले के बाद हाथी रात को सुंकर नदी पार जंगल में पहुंचा। इसके बाद वह गिरिनगर के जंगल में आया। विभाग ने लगातार इसकी रेकी की।

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Aggressive Elephant in forest in Sirmour damage crops
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

पांवटा साहिब उपमंडल के गिरिनगर इलाके की पड़दूनी पंचायत में मंगलवार रात हाथी ने उत्पात मचाया। रातभर हाथी चिंघड़ता रहा, जिससे ग्रामीण दहशत में आ गए। बताया जा रहा है कि यह वही हाथी है, जिसके हमले से पिछले दिनों कोलर में एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। अभी यह हाथी सिरमौर के जंगलों में है। रात करीब डेढ़ बजे हाथी पहले गिरिनगर के पास जामनवाला में गन्ने के खेत में पहुंचा।

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रात को कुत्तों के भौंकने की आवाजें आईं तो लोग जागे। इसके बाद हाथी रिहाला बस्ती के पास से चिंघाड़ते हुए रात को ही एक किलोमीटर आगे बरोटीवाला बस्ती पहुंचा। रामकिशन व देवेंद्र फौजी ने चिंघाड़ सुनी और फोन से लोगों को सचेत किया। हाथी बरोटीवाला रिहायश तक पहुंच चुका था। वह काफी आक्रामक दिखा। ग्राम पंचायत पड़दूनी की प्रधान सरोज ने बताया कि डेढ़ बजे रात बजे गन्ने के खेत में हाथी ने दस्तक दी। इसके बाद बरोटीवाला की तरफ निकल पड़ा।
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वन परिक्षेत्र अधिकारी गिरिनगर देवेंद्र सिंह ने बताया कि उन्हें सुबह साढ़े पांच बजे इसकी सूचना मिली। इसके बाद वह सुबह 5:55 पर बरोटीवाला बस्ती पहुंचे। यहां से पदचिह्न खंगालते हुए पंजभैया खाले तक गए, लेकिन इसके बाद जोरदार बारिश से पदचिह्न नहीं मिल सके। यह वही हाथी है, जिसके हमले से महिला की मौत हुई है। उन्होंने गांव में लोगों को जागरूक भी किया। उन्होंने लोगों से अपील की कि हाथी के सामने न आएं। क्षेत्र में झुंड या अकेला हाथी दिखे तो तुरंत विभाग को सूचित करें।
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हाथी का ये रहा रूट
आरओ देवेंद्र सिंह ने बताया कि महिला पर हमले के बाद हाथी रात को सुंकर नदी पार जंगल में पहुंचा। इसके बाद वह गिरिनगर के जंगल में आया। विभाग ने लगातार इसकी रेकी की। इससे पहले दो दिन पहले हाथी धारटीधार क्षेत्र के मधाना, मधाना और बागना के रिहायशी क्षेत्र में पहुंचा। जहां खेतों में फसलों को नुकसान पहुंचाया। इसके बाद फिर से जंगल में रुख कर पड़दूनी क्षेत्र में पहुंचा।


ये रहती है गति
मैदानी इलाके में हाथी एक किलोमीटर तक एक गति में दौड़ सकता है। आरओ देवेंद्र सिंह वन्य प्राणी विभाग में रेणुकाजी और सिंबलबाड़ा में सेवाएं दे चुके हैं। जानवरों के बारे में उनका अच्छा खासा अनुभव है। उन्होंने बताया कि पहाड़ी क्षेत्र में हाथी 100 मीटर तक एक गति में दौड़ सकता है। किसी भी आदमी को सामने देखकर ही ये आक्रामक हो सकता है।

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