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स्वास्थ्य निदेशक के दफ्तर में प्रदर्शन, पुलिस से धक्कामुक्की
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ठियोग अस्पताल में डॉक्टर न होने से भड़के लोग, माकपा विधायक के नेतृत्व में प्रदर्शन
कई दिनों से अस्पताल में नहीं हो रहे ऑपरेशन : सिंघा
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। जिला शिमला के ठियोग अस्पताल में डॉक्टरों की कमी को लेकर वीरवार को ठियोग के लोगों ने निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं के कार्यालय कसुम्पटी (शिमला) के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जब डीएचएस (डायरेक्टर हेल्थ सर्विस) दफ्तर में घुसने का प्रयास किया तो गेट पर तैनात पुलिस कर्मचारियों से उनकी धक्का मुक्की भी हुई।
प्रदर्शनकारियों की तादाद अधिक होने के कारण पुलिस उन्हें नहीं रोक पाई। इसके बाद लोगों ने कार्यालय परिसर में घुसकर निदेशक के कमरे के बाहर बैठकर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन देर शाम तक चलता रहा। प्रदर्शन में ठियोग के माकपा विधायक राकेश सिंघा और लोक कमेटी ठियोग के सचिव संदीप वर्मा समेत कई लोग शामिल रहे।
ठियोग के विधायक राकेश सिंघा ने बताया कि सौ तीन बिस्तरों वाले इस अस्पताल में ऑर्थो, मेडिसिन, बालरोग और एनेस्थीसिया के डॉक्टर नहीं हैं। आलम यह है कि पिछले काफी समय से मरीजों के ऑपरेशन भी नहीं हो पा रहे। कई मरीज ऐसे हैं जिनके शिमला तक पहुंचने के लिए किराया तक नहीं है।
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विधायक ने कहा कि जब तक अस्पताल में सरकार और विभाग द्वारा डॉक्टरों के खाली पद नहीं भरे जाएंगे तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा। उधर देर शाम छह बजे तक विधायक राकेश सिंघा, बालकृष्ण बाली, सुरेश शर्मा, सोहन सिंह ठाकुर और महेंद्र वर्मा निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं अनीता महाजन के कार्यालय के बाहर बैठे थे।
रोहड़ू से भेज देंगे एनेस्थीसिया डॉक्टर : सकलानी
प्रदर्शन के दौरान अतिरिक्त निदेशक स्वास्थ्य गिरीश सकलानी ने विधायक और स्थानीय लोगों को बातचीत के लिए बुलाया। उन्होंने कहा कि रोहड़ू से एनेस्थीसिया के डॉक्टर को ठियोग के लिए भेज दिया जाएगा। लेकिन विधायक और अन्य लोगों ने कहा कि इसकी क्या गारंटी है कि वह वहां ज्वाइन करेंगे। लोग डॉक्टरों की स्थायी तैनाती पर अड़े रहे और देर शाम तक प्रदर्शन चलता रहा।
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कई दिनों से अस्पताल में नहीं हो रहे ऑपरेशन : सिंघा
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। जिला शिमला के ठियोग अस्पताल में डॉक्टरों की कमी को लेकर वीरवार को ठियोग के लोगों ने निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं के कार्यालय कसुम्पटी (शिमला) के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जब डीएचएस (डायरेक्टर हेल्थ सर्विस) दफ्तर में घुसने का प्रयास किया तो गेट पर तैनात पुलिस कर्मचारियों से उनकी धक्का मुक्की भी हुई।
प्रदर्शनकारियों की तादाद अधिक होने के कारण पुलिस उन्हें नहीं रोक पाई। इसके बाद लोगों ने कार्यालय परिसर में घुसकर निदेशक के कमरे के बाहर बैठकर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन देर शाम तक चलता रहा। प्रदर्शन में ठियोग के माकपा विधायक राकेश सिंघा और लोक कमेटी ठियोग के सचिव संदीप वर्मा समेत कई लोग शामिल रहे।
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ठियोग के विधायक राकेश सिंघा ने बताया कि सौ तीन बिस्तरों वाले इस अस्पताल में ऑर्थो, मेडिसिन, बालरोग और एनेस्थीसिया के डॉक्टर नहीं हैं। आलम यह है कि पिछले काफी समय से मरीजों के ऑपरेशन भी नहीं हो पा रहे। कई मरीज ऐसे हैं जिनके शिमला तक पहुंचने के लिए किराया तक नहीं है।
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विधायक ने कहा कि जब तक अस्पताल में सरकार और विभाग द्वारा डॉक्टरों के खाली पद नहीं भरे जाएंगे तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा। उधर देर शाम छह बजे तक विधायक राकेश सिंघा, बालकृष्ण बाली, सुरेश शर्मा, सोहन सिंह ठाकुर और महेंद्र वर्मा निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं अनीता महाजन के कार्यालय के बाहर बैठे थे।
रोहड़ू से भेज देंगे एनेस्थीसिया डॉक्टर : सकलानी
प्रदर्शन के दौरान अतिरिक्त निदेशक स्वास्थ्य गिरीश सकलानी ने विधायक और स्थानीय लोगों को बातचीत के लिए बुलाया। उन्होंने कहा कि रोहड़ू से एनेस्थीसिया के डॉक्टर को ठियोग के लिए भेज दिया जाएगा। लेकिन विधायक और अन्य लोगों ने कहा कि इसकी क्या गारंटी है कि वह वहां ज्वाइन करेंगे। लोग डॉक्टरों की स्थायी तैनाती पर अड़े रहे और देर शाम तक प्रदर्शन चलता रहा।