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पेयजल संकट पर भड़की सभा
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खाली बर्तन लेकर डीसी दफ्तर के बाहर की नारेबाजी
कई इलाकों में लगे हैं कूड़े के ढेर
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में गहराए पेयजल संकट पर शिमला नागरिक सभा ने बुधवार को उपायुक्त कार्यालय के बाहर खाली बर्तन लेकर प्रदर्शन किया। नगर निगम और सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर सभा के कार्यकर्ताओं ने पेयजल सप्लाई और सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाए।
सभा के सह संयोजक विजेंद्र मेहरा और डॉ. कुलदीप तंवर ने कहा कि राजधानी में आम जनता को पीने लायक पानी नहीं मिल रहा। सरकार और नेता 24 घंटे पानी देने के दावे कर रहे हैं लेकिन सच्चाई यह है कि शहर के कई इलाकों में छठे और सातवें दिन पानी मिल रहा है। ऐसे में परिवार के साथ शिमला में रह रहा व्यक्ति कैसे गुजारा करेगा। कहा कि सरकार और नगर निगम स्मार्ट सिटी बनाने के दावे करते हैं, लेकिन आम आदमी को यहां पीने लायक पानी तक के लिए तरसना पड़ रहा है।
सभा ने पेयजल व्यवस्था पर प्रदेश हाईकोर्ट के हस्तक्षेप का भी स्वागत किया। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद शहर में पेयजल व्यवस्था सुधरने की उम्मीद है। सभा के सदस्य जगतराम, फालमा चौहान, जगमोहन ठाकुर और सत्यवान पुंडीर ने कहा कि शहर के कई इलाकों में कूड़ा तक नहीं उठ रहा। सड़कों पर कूड़े के ढेर लग रहे हैं। घरों से कूड़ा न उठने से लोग परेशान हैं। इन्हें कई दिन तक घर पर ही डस्टबिन रखना पड़ रहा है। सभा ने मांग की कि जल्द पेयजल और सफाई व्यवस्था को सुधारा जाए। इस मौके पर सभा के कई कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
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कई इलाकों में लगे हैं कूड़े के ढेर
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में गहराए पेयजल संकट पर शिमला नागरिक सभा ने बुधवार को उपायुक्त कार्यालय के बाहर खाली बर्तन लेकर प्रदर्शन किया। नगर निगम और सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर सभा के कार्यकर्ताओं ने पेयजल सप्लाई और सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाए।
सभा के सह संयोजक विजेंद्र मेहरा और डॉ. कुलदीप तंवर ने कहा कि राजधानी में आम जनता को पीने लायक पानी नहीं मिल रहा। सरकार और नेता 24 घंटे पानी देने के दावे कर रहे हैं लेकिन सच्चाई यह है कि शहर के कई इलाकों में छठे और सातवें दिन पानी मिल रहा है। ऐसे में परिवार के साथ शिमला में रह रहा व्यक्ति कैसे गुजारा करेगा। कहा कि सरकार और नगर निगम स्मार्ट सिटी बनाने के दावे करते हैं, लेकिन आम आदमी को यहां पीने लायक पानी तक के लिए तरसना पड़ रहा है।
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सभा ने पेयजल व्यवस्था पर प्रदेश हाईकोर्ट के हस्तक्षेप का भी स्वागत किया। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद शहर में पेयजल व्यवस्था सुधरने की उम्मीद है। सभा के सदस्य जगतराम, फालमा चौहान, जगमोहन ठाकुर और सत्यवान पुंडीर ने कहा कि शहर के कई इलाकों में कूड़ा तक नहीं उठ रहा। सड़कों पर कूड़े के ढेर लग रहे हैं। घरों से कूड़ा न उठने से लोग परेशान हैं। इन्हें कई दिन तक घर पर ही डस्टबिन रखना पड़ रहा है। सभा ने मांग की कि जल्द पेयजल और सफाई व्यवस्था को सुधारा जाए। इस मौके पर सभा के कई कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
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