एजेंडा तैयार, पर मानसून सत्र चलने पर संशय
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जयराम सरकार के पहले मानसून सत्र के लिए सारा एजेंडा तैयार है। इसके बावजूद इस सत्र पर संशय की स्थिति बनी हुई है। कुछ पूर्व प्रधानमंत्रियों के निधन पर सदन में शोक उद्गार के बाद हाउस स्थगित भी किए जा चुके हैं।
इस बार पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन के चलते सत्र पर स्थिति साफ नहीं है। इस बारे में संसदीय कार्यमंत्री सुरेश भारद्वाज बोले, ऐसा पहले भी हुआ है, मगर इस पर अभी कुछ कहा नहीं जा सकता।
विधानसभा अध्यक्ष डा. राजीव बिंदल ने कहा है कि हमारे पास मानसून सत्र चलाने का एजेंडा तैयार है। आगे क्या करना है, इस पर सदन को निर्णय लेना है।विधानसभा का मानसून सत्र 23 से 31 अगस्त तक चलना है।
इसके लिए 429 सवाल भी विधायकों की ओर से प्रश्नकाल के लिए लगवाए हैं। कई चर्चाओं के लिए भी विभिन्न नियमों में नोटिस दिए जा चुके हैं। मंगलवार को सदन चलाने के लिए सर्वदलीय बैठक भी हो गई।
इसके बावजूद पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को शोकोद्गार के बाद हाउस की कार्यवाही को आगे तय शेड्यूल के अनुसार चलाया जाएगा या फिर नहीं इस पर स्थिति साफ नहीं हैं। हालांकि, एक दलील यह भी है कि 23 अगस्त तक पूर्व प्रधानमंत्री का निधन हुए काफी दिन बीत चुके होंगे। ऐसे में फैसला कुछ भी हो सकता है।
बिंदल ने भारद्वाज और अग्निहोत्री के साथ की बैठक
मानसून सत्र को लेकर अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने सत्ता पक्ष की ओर से संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज और प्रतिपक्ष से कांग्रेस विधायक दल के नेता मुकेश अग्निहोत्री के साथ बैठक की।
एक घंटे की इस सर्वदलीय बैठक में डॉ. राजीव बिंदल ने आग्रह किया है कि सदन की कार्यवाही सुचारु चलाने के लिए सहयोग किया जाए। उन्होंने सरकार से आग्रह किया है कि प्रश्नों के उत्तर और अन्य नियमों के तहत लगाए गए विषयों पर सरकार पूरी तैयारी के साथ सदन में उत्तर प्रस्तुत करे।
डॉ. बिंदल ने यह भी आश्वस्त किया कि नियमों की परिधि और समय की उपलब्धता के अनुसार विधायकों के जो भी विषय प्राप्त होंगे, उसके लिए विधायकों को समय उपलब्ध करवाया जाएगा। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि यह सेशन छोटा है। इसलिए विपक्ष को ज्यादा समय दिया जाए।