Himachal: 22 साल के इंतजार के बाद ऊहल प्रोजेक्ट की कमीशनिंग पूरी, अब उत्तर भारत को करेगा रोशन
जोगिंद्रनगर उपमंडल की सौ मेगावाट की ऊहल तृतीय पन विद्युत परियोजना की कमीशनिंग लगभग 22 साल के लंबे इंतजार के बाद पूरी हो गई है।
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हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के जोगिंद्रनगर उपमंडल की सौ मेगावाट की ऊहल तृतीय पन विद्युत परियोजना की कमीशनिंग लगभग 22 साल के लंबे इंतजार के बाद पूरी हो गई है। अब यह प्रोजेक्ट उत्तर भारत के सात राज्यों को रोशन करेगा। प्रतिदिन 12 लाख यूनिट विद्युत उत्पादन होने से 35 करोड़ की आमदनी हो रही है। पानी की आवक बढ़ने से इन दिनों 50 मेगावाट से अधिक का उत्पादन हो रहा है। देश और प्रदेश के चार बड़े लोड डिस्पेच सेंटर में बिजली आपूर्ति शुरू होते ही हिमाचल, पंजाब, दिल्ली, जम्मू कश्मीर, हरियाणा, उत्तराखंड राज्य भी ऊहल तृतीय पन विद्युत प्रोजेक्ट से रोशन होंगे।
लोड डिस्पेच सेंटर शिमला, स्टेट लोड डिस्पेच केंद्र हिमाचल और नार्दर्न रीजन लोड डिस्पेच केंद्र दिल्ली तक बिजली की मांग अनुसार आपूर्ति से सरकार को सालाना दो सौ करोड़ की आमदनी होगी। ऊहल परियोजना के प्रबंध निदेशक देवेंद्र सिंह ने बताया कि मई, जून माह में पानी की पर्याप्त उपलब्धता होते ही 110 मेगावाट का विद्युत उत्पादन परियोजना में होगा। ऊहल प्रोजेक्ट की तीनों यूनिटों में इलेक्ट्रिक टेस्ट पूरे होने के बाद अब 100 मेगावाट विद्युत उत्पादन का रास्ता भी प्रशस्त हो गया है। इससे अब प्रदेश सरकार को प्रतिमाह करोड़ों की आमदनी होगी।
मुख्यमंत्री जल्द करेंगे उद्घाटन
ऊहल प्रोजेक्ट के प्रबंध निदेशक देवेंद्र सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू जल्द प्रोजेक्ट का उद्घाटन करेंगे। इसके लिए उन्होंने तैयारियों को पूरा कर लिया है। जोगिंद्रनगर में साल 2003 में प्रोजेक्ट निर्माण की नींव रखी गई थी और अब करीब 22 साल बाद 100 मेगावाट विद्युत परियोजना की तीनों यूनिटों में उत्पादन शुरू हो गया है।