हिमाचल में 45 साल बाद इस देवता के चारों मोहरे सोने में बदले
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जिला मुख्यालय के साथ लगती पंचायत मझवाड़ में देव बाला कामेश्वर सायरी के नव निर्मित स्वर्ण मोहरों की प्राण प्रतिष्ठा समारोह आयोजित किया। अनुष्ठान में 16 देवी-देवताओं ने भाग लिया।
साथ ही 4 हारियों के श्रद्धालुओं ने देवता का आशीर्वाद लिया। कार्यक्रम के दौरान भंडारे का आयोजन भी किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
देव बाला कामेश्वर सायरी देवता समिति के प्रधान रणजीत सिंह ने बताया कि लगभग 45 वर्षों के बाद देवता के मोहरों को विधि पूर्वक बदला गया है। अब देवता के चारों मोहरे सोने के बनाए गए हैं और साथ ही देवरथ को उठाने वाली आगलियों को चांदी चढ़ाया गया है।
रथ की शोभा और भी बढ़ गई
इससे अब देव बाला कामेश्वर के रथ की शोभा और भी बढ़ गई है। रणजीत ने बताया कि यह सब श्रद्धालुओं और हार के लोगों के आपसी सहयोग से हुआ है। इसके साथ ही देव वाणी के अनुसार यह भविष्यवाणी की गई है कि आने भविष्य में वही लोग सुख शांति से रहेंगे जो मानवता और देव समाज से निरंतर जुड़ाव रखेंगे।
इस मौके पर देवता समिति के उपप्रधान ओम प्रकाश, सचिव जितेंद्र कुमार व समस्त सदस्य व प्रबुद्ध लोग मौजूद रहे। इस दौरान महिलाओं ने भजन कीर्तन के माध्यम से प्रभु की महिमा का गुणगान किया। आने वाली 4 मार्च को देव बाला कामेश्वर सायरी इलाके के अन्य देवताओं संग अपने लाव लश्कर के साथ मंडी में होने वाले अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि मेले के लिए रवाना होंगे व मेले की शोभा बढ़ाएंगे।