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बोर्ड की किताबें नहीं पढ़ाई तो रद्द हो जाएगी निजी स्कूल की संबद्धता

Tue, 30 Apr 2019 12:58 PM IST
Krishan Singh राकेश भारद्वाज, अमर उजाला, धर्मशाला
राकेश भारद्वाज, अमर उजाला, धर्मशाला Published by: Krishan Singh Updated Tue, 30 Apr 2019 12:58 PM IST
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Affiliation of private school will be canceled if not Teach hp board books

मनमानी फीसों और स्कूलों में व्यवसायिक गतिविधियों पर रोक के लिए शिक्षा विभाग की शुरू हुई कार्रवाई की तर्ज पर अब राज्य स्कूल शिक्षा बोर्ड भी कार्रवाई करेगा। इसके लिए शीघ्र ही बोर्ड निजी स्कूलों का निरीक्षण अभियान छेड़ेगा।

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निरीक्षण के दौरान यदि निजी स्कूलों के बच्चों के पास राज्य स्कूल शिक्षा बोर्ड का निर्धारित पाठ्यक्रम और पुस्तकें नहीं मिलती हैं तो कार्रवाई की जाएगी। इतना ही नहीं ऐसे स्कूलों की संबद्धता भी रद्द होगी।
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प्रदेश के निजी स्कूलों में निजी प्रकाशकों की मंहगी पुस्तकें पढ़ाने के कई बार आरोप लगे हैं, जबकि इस संबंध में स्कूल शिक्षा बोर्ड को शिकायतें भी मिली हैं। शिक्षा बोर्ड की बजाय निजी प्रकाशकों की पुस्तकें बच्चों को लगाने से जहां उनके अभिभावकों पर आर्थिक बोझ पड़ता है।
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वहीं सरकारी और निजी स्कूलों के बच्चों की पढ़ाई में एकरुपता भी नहीं आती है। उधर, स्कूल शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष डॉ सुरेश कुमार सोनी ने बताया कि अभी स्कूलों में पुस्तक वितरण कार्य चल रहा है। इसके बाद बोर्ड निजी स्कूलों का निरीक्षण अभियान शीघ्र शुरू करेगा।

गुणात्मक शिक्षा में सहयोग करेगा बोर्ड

Affiliation of private school will be canceled if not Teach hp board books

बोर्ड की निर्धारित पुस्तकें न पढ़ाने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई होगी। सरकारी स्कूलों में गुणात्मक शिक्षा और आधारभूत संरचना के लिए स्कूल शिक्षा बोर्ड प्रदेश सरकार का सहयोग करेगा। इसके लिए बोर्ड वाकायदा स्कूलों को बजट भी जारी करेगा।

योजना को धरातल पर लागू करने के लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इसके बाद सरकारी स्कूलों में आधारभूत संरचना और पढ़ाई में गुणवत्ता लाने के लिए बोर्ड काम करेगा।

हेरिटेज स्कूलों पर भी करेगा बोर्ड काम
प्रदेश में कई हेरिटेज स्कूल हैं, जो 18वीं और 19वीं सदी में बने हैं। इन स्कूलों का संचालन पहले राजा-महाराज अपने तौर पर करते थे, जबकि बाद में सरकारों ने इनका अधिग्रहण किया। ऐसे स्कूलों के भवनों और आधाभूत ढांचे के संरक्षण में भी शिक्षा बोर्ड सहायता करेगा। ताकि स्कूलों के रूप में धरोहर का संरक्षण हो सके।

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