Advance Ration Quota: हिमाचल के बर्फीले क्षेत्रों के लिए एडवांस राशन का कोटे की सप्लाई शुरू
प्रदेश सरकार की ओर से राशनकार्ड परिवारों को हर महीने तीन दालें (मलका, माश और दाल चना), दो लीटर तेल (रिफाइंड और सरसों), चीनी, नमक, आटा और चावल दिया जा रहा है। पांच से छह महीने के लिए इन जिलों के दूरदराज के क्षेत्र जिला मुख्यालय से कटे रहते हैं।
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हिमाचल प्रदेश सरकार ने बर्फीले क्षेत्रों के लिए छह महीने का अतिरिक्त राशन का कोटा भेजना शुरू कर दिया है। अक्तूबर महीने में किन्नौर, लाहौल-स्पीति और चंबा के कई क्षेत्रों में बर्फबारी शुरू हो जाती है। सड़क बाधित रहने से इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए राशन भेजा जा रहा है। यह सप्लाई गोदामों में भेजी जा रही है। इसके बाद डिपो के लिए राशन का आवंटन होगा। प्रदेश सरकार की ओर से राशनकार्ड परिवारों को हर महीने तीन दालें (मलका, माश और दाल चना), दो लीटर तेल (रिफाइंड और सरसों), चीनी, नमक, आटा और चावल दिया जा रहा है। पांच से छह महीने के लिए इन जिलों के दूरदराज के क्षेत्र जिला मुख्यालय से कटे रहते हैं।
ऐसे में इन लोगों के लिए राशन का कोटा भेजा जाता है। हालांकि अभी ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी नहीं हुई है, जिस तरह से मौसम ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं, इससे संभावना लग रही है कि अक्तूबर और नवंबर से बर्फबारी हो सकती है। खाद्य नागरिक एवं उपभोक्ता मामले मंत्री राजेंद्र गर्ग ने बताया कि बर्फीले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को समय रहते राशन उपलब्ध हो, इसके लिए खाद्य आपूर्ति निगम को सप्लाई भेजने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि खाद्य आपूर्ति निगम के पास राशन की कमी नहीं हैं। सस्ते तेल की सप्लाई शुरू हो गई है।