पर्यटन निगम के होटलों से विदेशी मेहमानों ने फेरा मुंह, ये रही वजह
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हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा में चल रहे पर्यटन निगम के होटलों से विदेशी पर्यटक मुंह फेर रहे हैं। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जून माह तक हुई पर्यटन निगम के होटलों की अग्रिम बुकिंग में एक भी विदेशी मेहमान ने ठहरने की इच्छा नहीं जताई है।
जिले में पर्यटन निगम के नौ होटल हैं। हैरानी इस बात की है कि जनवरी 2018 से अप्रैल 2018 तक जिला कांगड़ा में 8783 विदेशी मेहमानों का आगमन हुआ है, जबकि 2017 में 29283 विदेशी पर्यटकों ने यहां का रुख किया था।
जानकारों की मानें तो विदेशी मेहमान शांत वातावरण में रहना पसंद करते हैं। वे भीड़भाड़ वाले इलाकों में संचालित हो रहे पर्यटन निगम के होटलों से दूरी बना रहे हैं।
धर्मकोट-नड्डी को दे रहे तवज्जो
पर्यटन व्यवसायियों की मानें तो विदेशी पर्यटक धर्मकोट और नड्डी स्थित होटलों का रख करते हैं, क्योंकि ये इलाके शांत हैं। विदेशी पर्यटक ऐसे होटलों और गेस्ट हाउसों को भी तवज्जो दे रहे हैं, जो उन्हें ग्रामीण आबोहवा से भी परिचित करवाएं। यही कारण है कि पर्यटन निगम के होटलों में विदेशी मेहमान ठहरना पसंद नहीं कर रहे हैं।
दिल्ली-पंजाब के सैलानियों से गुलजार मैक्लोडगंज- पर्यटन निगम की मानें तो जून माह तक होटल पूरी तरह पैक हैं। देश की राजधानी दिल्ली और पंजाब के सैलानियों ने अग्रिम बुकिंग की है। पश्चिम बंगाल से भी पर्यटकों ने होटलों में बुकिंग करवाई है। कुल मिलाकर जून माह तक की ऑक्यूपेंसी 100 प्रतिशत है।
पर्यटन निगम के जिला कांगड़ा में नौ होटल हैं। मौजूदा समय में सभी होटल जून माह तक पैक हैं। इस दौरान किसी भी विदेशी मेहमान ने अग्रिम बुकिंग अभी तक नहीं करवाई है। - अनिल महाजन, डीजीएम, पर्यटन निगम धर्मशाला